भाजपा को 400 सीट नहीं मिली तो गरीबों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं: रेड्डी

निर्वाचन आयोग पर प्रश्न चिह्न लग रहे, कोई जवाब नहीं दिया जा रहा: पायलट

नयी दिल्ली. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पिछले लोकसभा चुनाव में 400 सीटें नहीं मिली तो अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीबों के नाम मतदाता सूचियों से काटे जा रहे हैं.

उन्होंने यहां रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली में यह भी कहा कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ इस लड़ाई में कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधाा मिलाकर खड़ा होना होगा. रेड्डी ने कहा,‘‘जब इनको (भाजपा) 400 सीट नहीं मिली तो एसआईआर के नाम पर दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीबों के वोट खत्म करने में जुट गए हैं.’’ उनका कहना था, ‘‘यह ‘वोट चोरी’ की समस्या कांग्रेस की नहीं, बल्कि देश की है. हम लोगों को राहुल गांधी जी की इस लड़ाई को मजबूत करना है. वरना ये लोग गरीबों का हक छीन लेंगे.’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘हमें राहुल गांधी का सिपाही बनकर मोदी के खिलाफ लड़ना है.’’ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखंिवदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर ‘‘वोट चोरी’’ के जरिए सरकारें बनाकर और लोगों के वोटों की ताकत को कमजोर करके लोकतंत्र को हानि पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने लोगों से देश में ”वोट चोरी” नहीं होने देने की अपील की और कहा कि रैली में मौजूद लोगों की ताकत से कांग्रेस इस तरह की गड़बड़ियों को रोकेगी. भाषा हक

निर्वाचन आयोग पर प्रश्न चिह्न लग रहे, कोई जवाब नहीं दिया जा रहा: पायलट

कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने रविवार को कहा कि वर्तमान समय में निर्वाचन आयोग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली में यह दावा किया कि सत्ता में बैठे लोग किसान, बेरोजगारी, महंगाई पर चर्चा नहीं करना चाहते तथा सिर्फ धर्म की राजनीति हो रही है.

पायलट ने कहा, ‘‘विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है, हम लोग जानते हैं.’’ उनका कहना था, ‘‘चुनाव में हार-जीत होती रहती है, लेकिन चुनाव प्रणाली और निर्वाचन आयोग निष्पक्ष होना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में कई बातें रखीं, लेकिन सरकार के पास कोई जवाब नहीं है. पायलट ने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश निर्वाचन आयोग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है.’’ उनका कहना था कि निर्वाचन आयोग को जवाब देना ही होगा.

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