देश में ओलंपिक होंगे तो वह भारत में खेलों को नयी ऊंचाइयों पर ले जायेंगे : प्रधानमंत्री मोदी

यूसीसी खेल भावना की तरह है जहां किसी से भेदभाव नहीं, सब बराबर: प्रधानमंत्री

देहरादून. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक 2036 की मेजबानी के संकल्प को दोहराते हुए मंगलवार को कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिये पूरा जोर लगा रहा है और देश में ओलंपिक होंगे तो वह न सिर्फ भारत में खेलों को नयी ऊंचाइयों पर ले जायेंगे बल्कि इनसे अनेक क्षेत्रों को गति मिलेगी .

यहां 38वें राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,” जैसे हमारे खिलाड़ी हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर चलते हैं , वैसे ही हमारा देश भी बड़े संकल्प लेकर आगे बढ. रहा है .” उन्होंने कहा ,”आप सभी जानते हैं कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिये पूरा जोर लगा रहा है . जब भारत में ओलंपिक होंगे तो वह भारत के खेलों को एक नये आसमान पर ले जायेंगे .” प्रधानमंत्री ने कहा ,” ओलंपिक सिर्फ एक खेल का आयोजन नहीं होता . दुनिया के जिन देशों में भी ओलंपिक होता है, वहां अनेक क्षेत्रों में विकास को गति मिलती है . खेलों का बुनियादी ढांचा खड़ा होने से रोजगार का सृजन होता है . नये बुनियादी ढांचे के तैयार होने से निर्माण, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र का विकास होता है .” मोदी ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भारत का इरादा मुंबई में 2023 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सत्र के दौरान व्यक्त किया था . भारतीय ओलंपिक संघ ने आईओसी को ओलंपिक की मेजबानी के इरादे का आशय पत्र सौंप दिया है .

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आत्मसात करने का भी आग्रह किया . उन्होंने कहा ,” एक भारत , श्रेष्ठ भारत की बड़ी सुंदर तस्वीर यहां दिख रही है . यहां नये रिकॉर्ड बनेंगे, पुराने रिकॉर्ड टूटेंगे लेकिन मेरा आपसे आग्रह है कि जब आप यहां से जायें तो आपके पदक में भारत की एकता और श्रेष्ठता की चमक भी नजर आये .” प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों को आज भारत के विकास और युवाओं के आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जा रहा है और पिछले कुछ समय में भारतीय खिलाड़ियों का असाधारण प्रदर्शन इसकी बानगी देता है .

उन्होंने कहा,” हम खेलों को सर्वांगीण विकास का प्रमुख माध्यम मानते हैं . जब कोई देश खेल में आगे बढ.ता है तो उसकी साख और प्रोफाइल बढ.ती है और इसलिये आज खेलों को भारत के विकास से और युवाओं के आत्मविश्वास से जोड़ा जा रहा है .” उन्होंने आगे कहा, ”आज भारत दुनिया की तीसरी बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है और हमारा प्रयास है कि इसमें खेल इकॉनामी का बड़ा हिस्सा हो . किसी भी खेल में खिलाड़ी के पीछे पूरा इको सिस्टम होता है और हम इसे देश के कोने कोने में फैलाना चाहते हैं .”

प्रधानमंत्री ने कहा,” कुछ समय पहले दिल्ली में मेरे आवास पर भारत के ओलंपिक दल से मुलाकात में एक खिलाड़ी ने मुझसे कहा कि देश के खिलाड़ी मुझे पीएम प्रधानमंत्री नहीं बल्कि परम मित्र मानते हैं . आपका ये विश्वास ही मुझे ऊर्जा देता है . मेरा आपकी प्रतिभा और सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है . हमारी पूरी कोशिश है कि आपके खेल में और निखार आये, आपका सामर्थ्य बढे .”

उन्होंने कहा ,” हमने बीते दस साल में इस पर पूरा फोकस किया है और दस साल में खेल का बजट तीन गुना से ज्यादा हो चुका है . सरकार के प्रयासों का नतीजा मैदान पर पदक तालिका में नजर आ रहा है . आज हर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी अपना परचम लहरा रहे हैं . ओलंपिक और पैरालम्पिक में हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है .” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,” हॉकी में पुराने गौरव के दिन लौट रहे हैं , खोखो में हमारी टीम ने विश्व कप जीता, डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैम्पियनशिप जीती तो दुनिया हैरान रह गई . कोनेरू हम्पी महिला विश्व रैपिड चैम्पियन बनी . यह सफलता दिखाती है कि भारत में खेल अब पाठ्येत्तर गतिविधि ही नहीं रह गया बल्कि हमारे युवा इसे प्रमुख कैरियर विकल्प मान रहे हैं .”

उन्होंने कहा ,” हम अक्सर सुनते हैं कि सोना तपकर खरा होता है और हम खिलाड़ियों के लिये भी ज्यादा से ज्यादा मौके बना रहे हैं ताकि वे अपने सामर्थ्य को और निखार सकें . खेलो इंडिया सीरिज में कई नये टूर्नामेंट जोड़े गए हैं . खेलो इंडिया युवा खेलों ने युवा खिलाड़ियों को आगे बढने का मौका दिया है जबकि यूनिर्विसटी खेल कॉलेज के छात्रों और पैरा खेलों से पैरा एथलीटों को मौके मिल रहे हैं .” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में खेलों का एक खूबसूरत गुलदस्ता तैयार हो रहा है जिसमें हर मौसम में फूल खिलते हैं और साल भर टूर्नामेंट होते हैं .

उन्होंने पर्यावरण अनुकूल राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिये उत्तराखंड सरकार को बधाई दी . उन्होंने कहा ,” राष्ट्रीय खेलों में इस बार भी कई देशी पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है . इस बार के राष्ट्रीय खेल हरित खेल भी है जिसमें पर्यावरण अनुकूल चीजों का काफी इस्तेमाल हो रहा है . राष्ट्रीय खेलों में मिलने वाले सभी पदक और ट्रॉफियां भी ई कचरा से बनी है और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम पर यहां एक पौधा भी लगाया जायेगा जो बहुत अच्छी पहल है .” प्रधानमंत्री ने युवाओं से फिटनेस पर जोर देने और पोषक आहार लेने का भी आग्रह किया . उन्होंने कहा कि खानपान में तेल की मात्रा में कमी करने के साथ नियमित टहलना और व्यायाम करना भी जरूरी है .

यूसीसी खेल भावना की तरह है जहां किसी से भेदभाव नहीं, सब बराबर: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए बधाई दी और कहा कि यह कानून भी खेल भावना की तरह है जहां किसी से कोई भेदभाव नहीं है और सब बराबर हैं. यहां 38 वें राष्ट्रीय खेलों की शुरूआत के मौके पर दिए अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कल ही उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है.

उन्होंने कहा, “मैं उत्तराखंड की भाजपा सरकार को इस ऐतिहासिक कदम के लिए बधाई देता हूं.” प्रधानमंत्री ने यूसीसी को ‘सेक्यूलर सिविल कोड’ की भी संज्ञा दी और कहा, “यह कानून हमारी बेटियों, माताओं, बहनों के गरिमापूर्ण जीवन का आधार बनेगी और संविधान की भावना भी मजबूत होगी.” उन्होंने कहा कि वह आज खेल के आयोजन में हैं तो यूसीसी को भी उससे जोड़कर देख रहे हैं . मोदी ने कहा, “हर जीत, हर मेडल के पीछे मंत्र होता है सबका प्रयास. खेलों से हमें टीम भावना के साथ खेलने की प्रेरणा मिलती है. यही भावना यूसीसी की भी है- किसी से भेदभाव नहीं, हर कोई बराबर.”

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