स्कूल भर्ती घोटाले में पार्थ की गिरफ्तारी हो सकती है, तो नीट मामले में प्रधान की क्यों नहीं: अभिषेक

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को कहा कि अगर पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को स्कूल भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया जा सकता है तो राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में गड़बड़ी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सकता.

बनर्जी ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राज्य में लोकसभा चुनाव में इसलिए खराब प्रदर्शन रहा कि वह जीत के लिए ”केंद्रीय एजेंसियों और धन बल के भरोसे थी.” बनर्जी ने यह भी कहा कि पार्टी उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करेगी जो लोकसभा चुनावों के दौरान परिणाम देने में विफल रहे. टीएमसी नेता ने कहा कि वह लोकसभा चुनाव परिणाम के विश्लेषण में व्यस्त थे, इसलिए लोगों के बीच नहीं आ रहे थे.

उन्होंने कहा, ”21 जुलाई 2022 के एक दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय ने पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मारा था और उन्हें गिरफ्तार किया था. हम गलती करने वाले व्यक्ति का बचाव नहीं करते.” बनर्जी ने कहा, ”हम अन्याय बर्दाश्त नहीं करते. लेकिन, अगर केंद्रीय एजेंसियां ??एसएससी-टीईटी घोटाले के लिए पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मार सकती हैं और उन्हें गिरफ्तार कर सकती हैं, तो धर्मेंद्र प्रधान को नीट घोटाले के लिए क्यों नहीं गिरफ्तार किया जाना चाहिए?” उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को ”देश की आजादी के बाद भारत में सबसे बड़ा घोटाला” करार दिया. उन्होंने दावा किया कि राज्य के लोगों ने लोकसभा चुनाव में ”भाजपा को सबक सिखाया” क्योंकि केंद्र में उसकी सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए निधि रोक दी थी.

बनर्जी ने कहा, ”टीएमसी से लड़ने में असमर्थ भाजपा नेताओं ने गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित करने के लिए हमला किया. उन्होंने पश्चिम बंगाल के हक की मनरेगा और आवास योजना के कोष को रोक दिया. उन्होंने सड़कों के निर्माण, पानी और मध्याह्न भोजन के लिए निधि रोक दी.” तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा, ”लोगों ने उसे लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया और उनका राजनीतिक भविष्य खत्म कर दिया. भाजपा जनता को वंचित करना चाहती थी लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया.” उन्होंने कहा कि भाजपा ने 400 सीट का लक्ष्य रखा था, लेकिन चुनाव में केवल 240 सीट ही हासिल कर पाई.
बनर्जी ने कहा, ”भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय), सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और केंद्रीय बलों पर भरोसा किया लेकिन हमें बंगाल के लोगों पर भरोसा था.”

बनर्जी ने दावा किया, ”हर किसी ने देखा कि कैसे भाजपा ने देश के सामने पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए संदेशखालि में साजिश रची. पार्टी के संदेशखालि-2 मंडल के अध्यक्ष गंगाधर कायल ने कहा कि चुनाव के दिनों में भाजपा शराब पर प्रति बूथ 5,000 रुपये खर्च करती है. पश्चिम बंगाल में 80,000 बूथ हैं, जिसका मतलब है कि भाजपा ने चुनाव के दिनों में शराब पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च किए.” उन्होंने तृणमूल समर्थकों से 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने को कहा. बनर्जी ने यह भी कहा कि पार्टी लोकसभा चुनाव में सभी स्थानीय नेताओं के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी. उन्होंने कहा, ”पिछले एक महीने से मैंने छुट्टी ले रखी थी क्योंकि मैं परिणामों का गहन विश्लेषण कर रहा था और आप अगले तीन महीने में परिणाम देखेंगे. जिन लोगों ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.”

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