
पटना/कटिहार. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर रविवार को तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि गठबंधन के सत्ता में आने पर इस अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर राज्य में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनती है तो वक्फ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा.
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता ने मुस्लिम बहुल कटिहार जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उनके पिता एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कभी सांप्रदायिक ताकतों से समझौता नहीं किया, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा ऐसी ताकतों का साथ दिया है, जिसके कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके सहयोगी संगठन राज्य और देश में नफरत फैला रहे हैं.
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को “भारत जलाओ पार्टी” करार देते हुए कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो सांप्रदायिक एजेंडा तेज होगा. तेजस्वी ने कहा, “अगर ‘इंडिया’ गठबंधन सत्ता में आता है तो हम वक्फ अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक देंगे.” उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम अप्रैल में संसद से पारित हुआ था. सत्ता पक्ष ने इसे पिछड़े मुसलमानों और समुदाय की महिलाओं के लिए पारर्दिशता और सशक्तीकरण का माध्यम बताया है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह मुसलमानों के अधिकारों को प्रभावित करता है.
यादव ने आरोप लगाया कि राज्य की 20 वर्ष पुरानी सरकार से लोग ऊब चुके हैं और “मुख्यमंत्री अपने होश में नहीं हैं.” उन्होंने दावा किया कि राज्य के हर विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है और कानून-व्यवस्था बदहाल है. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सीमांचल क्षेत्र को लेकर कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया और ‘इंडिया’ गठबंधन के सत्ता में आने पर सीमांचल विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा.
उन्होंने यह भी दावा किया कि राजग सरकार उनके चुनावी वादों की नकल कर रही है. यादव ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो वृद्धावस्था पेंशन बढ.ाकर 2,000 रुपये प्रति माह की जाएगी. उल्लेखनीय है कि शनिवार को राजद के विधान पार्षद मोहम्मद कारी सोहैब भी इसी मुद्दे पर विवादों में घिर गए थे जब उन्होंने कहा था कि तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनते ही “वक्फ विधेयक सहित सभी विधेयक फाड़ दिए जाएंगे”. भाजपा ने इस बयान पर सवाल पूछा था कि कोई भी राज्य सरकार केंद्र के कानूनों को कैसे बदल सकती है.
पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना होगा, पेंशन एवं बीमा की सुविधा मिलेगी: तेजस्वी का वादा
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि अगर बिहार में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की सरकार बनती है तो पंचायती राज व्यवस्था के प्रतिनिधियों का भत्ता दोगुना किया जाएगा. तेजस्वी ने उनके लिए 50 लाख रुपए के बीमा कवरेज और पेंशन का भी वादा किया. बिहार की पंचायती राज व्यवस्था में तीन स्तर की शासन प्रणाली है- जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत. इनके प्रमुखों को ‘अध्यक्ष’ (जिला परिषद), ‘प्रमुख’ (पंचायत समिति) और ‘मुखिया’ (ग्राम पंचायत) कहा जाता है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने जून में पूरे राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारियों और वार्ड सदस्यों के भत्ते एवं अन्य लाभ बढ़ाए थे.
जिला परिषद अध्यक्ष का मासिक भत्ता 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए किया गया था. उपाध्यक्षों के लिए इसे 10,000 से बढ़ाकर 20,000 रुपए और मुखियाओं के लिए 5,000 रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए किया गया. वर्तमान में राज्य में 8,053 ग्राम पंचायत, 533 पंचायत समितियां और 38 जिला परिषद कार्यरत हैं. ग्रामीण आबादी को न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘ग्राम कचहरी’ भी स्थापित है.
तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से कहा, ”अगर ‘इंडिया’ गठबंधन को सत्ता मिली तो बिहार के पंचायती राज प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते को दोगुना किया जाएगा. साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के डीलरों को प्रति क्विंटल मिलने वाली ‘मार्जिन’ राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी.” वर्तमान में पीडीएस डीलर को राज्य में प्रति क्विंटल 258.40 रुपए बतौर कमीशन दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि राज्य में ”नाई, कुम्हार और बढ़ई समुदाय के लोगों को पांच लाख रुपए तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.” बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में छह और 11 नवंबर को होगा तथा परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.



