
लखनऊ. लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने छांगुर बाबा के कथित सहयोगी नवीन रोहरा को सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. अदालत ने उत्तर प्रदेश में कथित अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत उसकी हिरासत केंद्रीय एजेंसी को दी है.
कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रोहरा जेल में बंद है.
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने पूछताछ के लिए उसकी (रोहरा की) हिरासत का अनुरोध करते हुए स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था और एजेंसी को उसकी हिरासत मिल गई. एजेंसी ने पहले दावा किया था कि छांगुर बाबा द्वारा अर्जित सभी अचल संपत्तियां नवीन रोहरा और उसकी पत्नी नीतू रोहरा के नाम पर हैं, ताकि धनशोधन में उसकी वास्तविक संलिप्तता को छुपाया जा सके. इसने पिछले महीने छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन उर्फ करीमुल्ला शाह को भी इसी तरह हिरासत में लिया था.
पिछले महीने, संघीय एजेंसी ने बलरामपुर जिले में छांगुर बाबा के पैतृक स्थान और मुंबई में दो स्थानों पर तलाशी ली थी. बाद में ईडी ने एक बयान में दावा किया कि आरोपी (छांगुर बाबा) को 22 बैंक खातों में 60 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी, जिसमें विदेश से प्राप्त “बड़ी रकम” भी शामिल थी. छांगुर बाबा के खिलाफ धनशोधन का मामला लखनऊ के गोमती नगर के एक थाने में भारतीय दंड संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून 2021 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एटीएस की प्राथमिकी से उपजा है. छांगुर बाबा, उसके बेटे महबूब और कथित सहयोगियों नवीन रोहरा एवं नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को एटीएस ने गिरफ्तार किया था.



