दिल्ली में सिरफिरे आशिक ने नाबालिग लड़की पर चाकू-पत्थर से किए कई वार, तमाशबीन रहे लोग

नयी दिल्ली. उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके में एक युवक ने 16 वर्षीय एक लड़की की कई बार चाकू से वार कर और फिर पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी. इस दौरान पास से गुजरे राहगीरों ने आरोपी को रोकने की कोई कोशिश नहीं की. निर्मम तरीके से की गई इस हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद लोगों में काफी रोष है.

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 20 वर्षीय आरोपी साहिल को सोमवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया गया. बुलंदशहर के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बजरंगबली चौरसिया ने बताया कि साहिल बुलंदशहर जनपद के पहासू थाना क्षेत्र के अंतर्गत अटरेना गांव में अपनी बुआ के यहां आया था, जहां से उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया.

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ऐसा बताया जा रहा है कि आरोपी और मृतका साक्षी के ‘प्रेम संबंध’ थे, लेकिन शनिवार को उनमें झगड़ा हो गया था. लड़की रविवार शाम को अपनी सहेली की बेटी के जन्मदिन की पार्टी के लिए खरीदारी करने गई थी, और तभी घनी आबादी वाले इलाके में आरोपी ने उसे रोक लिया और उस पर हमला कर दिया.

इस घटना का लगभग 90 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है, जिसमें आरोपी एक हाथ से लड़की को दीवार के सहारे धकेलकर बार-बार उस पर चाकू से वार करता नजर आ रहा है. वह लड़की के जमीन पर गिरने पर भी नहीं रुका और 20 से अधिक बार चाकू से वार किया, उसे कई बार लात मारी तथा फिर सीमेंट के स्लैब से कई बार हमला किया.

वीडियो में राहगीरों की चौंकाने वाली उदासीनता भी साफ दिखती है. वहां से गुजरते राहगीर हमले की घटना को देखते हुए नजर आते हैं, लेकिन बर्बर हमले से लड़की को बचाने के लिए वे कोई प्रयास नहीं करते. वीडियो में आरोपी बाद में घटनास्थल से सामान्य रूप से जाता दिखाई देता है. कुछ देर बाद वह फिर लौटता है और फिर से सीमेंट के स्लैब से लड़की पर हमला करता है. इसके बाद वह घटनास्थल से आराम से जाता दिखता है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस घटना पर कहा, ”क्या कसूर था 16 साल की गुड़िया का, जो उसे इस तरह सड़क पर बेरहमी से मार डाला गया? दिल्ली में किसी को पुलिस और कानून का डर नहीं है. यदि आज कुछ नहीं किया गया, तो दरिंदगी की सारी हदें पार होती रहेंगी.” दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना पर हमला करते हुए कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने दावा किया कि यह “लव जिहाद” का मामला है. भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस घटना को “सामान्य” हत्या और कानून व्यवस्था के मुद्दे के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है.

घटना को “भयावह और अत्यंत व्यथित करने वाली” बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्वीट किया, ”कोई अशिक्षित व्यक्ति भी इतना निर्दयी नहीं हो सकता कि किसी की इतनी निर्मम हत्या कर दे. समाज की सोच में बहुत कमी आ रही है, इस पर काम करने की जरूरत है. वह जैसे सामाजिक माहौल में पला, वैसी ही उसकी सोच बनी. आजकल के समाज की स्थिति सोचने वाली है. परिवारों को सोचना चाहिए कि अपने लड़कों को कैसे पालें कि वे किसी की हत्या न करें.” शर्मा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने को कहा है.

आयोग ने इस मामले को देखने के लिए सदस्य डेलिना खोंगडुप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय दल का गठन किया है. दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी सुमन नलवा ने कहा कि साहिल फ्रिज और एसी ठीक करने का काम करता था. उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ शाहबाद डेरी इलाके में किराए के मकान में रहता था. मृतका के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शाहबाद डेरी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस को संदेह है कि साक्षी के साथ आरोपी का “तनावपूर्ण संबंध” अपराध के पीछे एक संभावित कारण हो सकता है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ”मृतका के साहिल के साथ चैट और कॉल डिटेल मिलने के बाद ही यह पता चलेगा कि उनके रिश्ते कब से थे और वे कैसे मित्र बने थे.” पोस्टमॉर्टम के प्रारंभिक निष्कर्षों का हवाला देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की की खोपड़ी फटी हुई थी.

साक्षी ने इस साल 10वीं कक्षा की परीक्षा पास की थी और उसके पिता मजदूर हैं. उसके माता-पिता शाहबाद डेरी क्षेत्र में जेजे कॉलोनी के निवासी हैं और उनका एक छोटा बेटा है. उन्होंने कहा कि वह पिछले 15 दिन से अपनी सहेली नीतू के साथ रह रही थी, क्योंकि नीतू का पति काम के सिलसिले में दिल्ली से बाहर था.

रविवार की घटना को याद करते हुए दो बच्चों की मां नीतू ने कहा कि साक्षी उसकी बेटी के लिए जन्मदिन की पार्टी आयोजित करने में व्यस्त थी और पास के बाजार में बच्ची के लिए ड्रेस लेने गई थी. नीतू ने दावा किया कि साक्षी और साहिल अकसर आपस में लड़ते थे, लेकिन उसे उनकी ”दोस्ती” के बारे में छह महीने पहले ही पता चला था. अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए साक्षी के माता-पिता ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की. उन्होंने कहा कि न तो उसने और न ही उसके दोस्तों ने उन्हें साहिल के बारे में बताया था.

मृतका के पिता ने कहा कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह उन्हें न्याय दिलाएगी. उन्होंने कहा, “जब पुलिस ने कहा है कि वह हमारी बेटी को न्याय दिलाने में हमारी मदद करेगी, तो हमें पुलिस पर विश्वास और भरोसा है.” साक्षी की मां ने कहा कि अपनी बेटी से उनकी आखिरी बार रविवार दोपहर को बात हुई थी.

उन्होंने कहा, “मेरी बेटी पिछले 15 दिन से नीतू और उसके दो बच्चों के साथ रह रही थी. मैंने अपनी बेटी से दोपहर डेढ. बजे बात की थी और उसने मुझसे कहा था कि नीतू के पति के वापस आने के बाद वह घर लौट आएगी.” पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल हथियार अभी बरामद नहीं किया गया है.

घटना के तुरंत बाद आरोपी अपने परिवार के साथ घर पर ताला लगाकर भाग गया था. उनके मकान मालिक रामफूल ने बताया कि यह परिवार पिछले दो साल से उनके यहां किराये पर रहा था और साहिल अक्सर किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था. उन्होंने कहा, ”वह एक साधारण-सा युवक था, जो अपने माता-पिता और तीन बहनों के साथ रहता था. वह ज्यादा किसी से बातचीत नहीं करता था और कभी किसी लड़ाई में शामिल नहीं रहा. इसलिए यह सुनना और उसकी एक लड़की की बर्बरता से हत्या करते हुए वीडियो फुटेज देखना बहुत हैरान करने वाला है.” कई लोगों ने क्रूर हमले और लड़की को बचाने के लिए कुछ नहीं करने वाले लोगों की “असंवेदनशीलता” पर गुस्सा व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया.

घटना को लेकर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना पर निशाना साधते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, “दिल्ली में एक नाबालिग लड़की की नृशंस हत्या कर दी गई. यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. अपराधी बेखौफ हो गए हैं, पुलिस का कोई डर नहीं है. एलजी साहब, कानून-व्यवस्था आपकी जिम्मेदारी है, कुछ कीजिए.” भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक बयान में कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में होनी चाहिए.

सचदेवा ने कहा, ”शाहबाद में साहिल सरफराज द्वारा की गई एक हिंदू लड़की की नृशंस हत्या ने एक बार फिर दिखा दिया है कि लव जिहाद ने दिल्ली को फिर दहला दिया है.” उन्होंने कहा कि आफताब पूनावाला-श्रद्धा वाल्कर मामले ने कुछ महीने पहले दिल्ली को झकझोर दिया था और अब एक बार फिर दिल्लीवासियों के लिए यह “लव जिहाद” से सावधान रहने की चेतावनी है.

सचदेवा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अल्पसंख्यक समुदाय के वोट की वजह से डरते हैं और इसलिए इसे “लव जिहाद” के बजाय “साधारण” हत्या के रूप में “चित्रित” कर रहे हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा, ”गिरफ्तार साहिल सरफराज के हाथ पर बंधा लाल कलावा साफ दर्शाता है कि वह सुनियोजित तरीके से काम कर रहे ‘लव जिहाद’ गिरोह का सदस्य है.” सचदेवा के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी “लंबे समय से” नाबालिग लड़की को परेशान कर रहा था.

उन्होंने कहा कि यह “दुखद” है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री एक हिंदू लड़की की “क्रूर हत्या” को कानून-व्यवस्था के मुद्दे के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह “लव जिहाद” का मामला है. सचदेवा ने केजरीवाल पर “राजनीतिक तुष्टीकरण” में शामिल होने का आरोप लगाया.

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