पिछले डेढ़ साल में युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं, यह ‘बहुत बड़ा रिकॉर्ड’: मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले डेढ़ साल में युवाओं को करीब 10 लाख स्थायी सरकारी नौकरियां दी हैं और यह अपने आप में एक ‘बहुत बड़ा रिकॉर्ड’ है. वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से भर्ती अभियान ‘रोजगार मेला’ के तहत करीब 71,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मोदी ने कहा कि पहले की किसी भी सरकार के समय इस तरह ‘मिशन मोड’ में युवाओं को भारत सरकार में पक्की नौकरी नहीं मिली है.

उन्होंने कहा, ”लेकिन आज देश में न केवल लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं बल्कि ये नौकरियां पूरी ईमानदारी और पारर्दिशता के साथ दी जा रही हैं.” उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि इस ‘पारदर्शी परंपरा’ से आए युवा भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से राष्ट्र की सेवा में जुट रहे हैं. बड़ी संख्या में महिलाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का प्रयास है कि वे हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें.

उन्होंने कहा, ”गर्भवती महिलाओं को 26 हफ्ते की छुट्टी के हमारे फैसले ने लाखों बेटियों के करियर को बचाया है, उनके सपनों को टूटने से रोका है. हमारी सरकार ने हर उस बाधा को दूर करने का प्रयास किया है, जो महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकती है.” महिलाओं के लिए जारी विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज देश महिला-नीत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.”

मोदी ने कहा कि भारतीय युवाओं की क्षमता और प्रतिभा का अधिकतम उपयोग करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है और वे कई योजनाओं के केंद्र में हैं, चाहे वह स्टार्ट अप इंडिया हो, डिजिटल इंडिया या अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र में सुधार हो. देश को आगे बढ़ाने के लिए युवा प्रतिभा को निखारने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यह ज़िम्मेदारी देश की शिक्षा व्यवस्था पर होती है.

उन्होंने कहा, ”इसीलिए, नए भारत के निर्माण के लिए देश दशकों से एक आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की जरूरत महसूस कर रहा था. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए देश अब उस दिशा में आगे बढ़ चुका है. पहले पाबंदियों के कारण जो शिक्षा व्यवस्था छात्रों पर बोझ बन जाती थी, वह अब उन्हें नए विकल्प दे रही है.” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भाषा कोई बाधा नहीं बने और इसके लिए सरकार युवाओं को 13 भाषाओं में भर्ती परीक्षाएं देने का विकल्प दे रही है.

पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह की जयंती को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वह ग्रामीण भारत के विकास और देश की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध थे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भर्ती किए गए 71,000 लोगों में से 29 प्रतिशत से अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की तुलना में मोदी सरकार में पिछड़े वर्गों की भर्ती में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सिंह ने कहा कि सोमवार की र्भितयों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की संख्या क्रमश: 15.8 और 9.6 प्रतिशत है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के सामर्थ्य और प्रतिभा का भरपूर उपयोग उनकी सरकार की प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा, ”रोजगार मेलों के जरिए हम लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं. पिछले 10 वर्षों से सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में सरकारी नौकरी देने का अभियान चल रहा है. आज भी 71,000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं.” यह रोजगार मेला देश भर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया. चयनित अ्भ्यियथयों को केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किया जाएगा. इनमें गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा शामिल हैं. रोजगार मेले की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को हुई थी. हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बताया था कि रोजगार मेले के जरिए अब तक कई लाख युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है.

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