पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ देशभर में आयकर विभाग की छापेमारी

नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने बुधवार को कुछ पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) और उनके कथित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के खिलाफ कई राज्यों में छापेमारी की. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों में कम से कम 110 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस आयकर विभाग के दलों की मदद कर रही है.

आयकर विभाग के एक दल को मयूर विहार इलाके में एक वकील के कार्यालय में भी देखा गया. सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग ने आरयूपीपी, उनसे जुड़ी संस्थाओं, संचालकों और अन्य के खिलाफ उनके आय-व्यय को लेकर समन्वित कार्रवाई शुरू की है. उन्होंने बताया कि कथित तौर पर अवैध तरीकों से अर्जित राजनीतिक चंदे के कुछ अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है.

ऐसा माना जाता है कि निर्वाचन आयोग (ईसी) की सिफारिश पर विभाग द्वारा अचानक यह कार्रवाई की गई. आयोग ने हाल ही में भौतिक सत्यापन के बाद कम से कम 198 संगठनों को आरयूपीपी की सूची से हटा दिया था. निर्वाचन आयोग ने घोषणा की थी कि वह 2,100 से अधिक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जो नियमों और चुनाव संबंधी कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं. इनमें कोष संबंधी जानकारी ना देना, चंदा देने वालों के पते और पदाधिकारियों के नामों को जारी ना करना शामिल हैं. आयोग के अनुसार कुछ दल ‘‘गंभीर’’ वित्तीय गड़बड़ी में भी संलिप्त पाए गए हैं.

आयोग के अनुसार राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) से रिपोर्ट मिली थी कि सत्यापन के दौरान ये “पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल”, “अस्तित्वहीन” पाए गए. इसके बाद आयोग ने यह कार्रवाई की और चुनाव चिह्न आदेश (1968) के तहत इन दलों को दिए गए विभिन्न लाभों को वापस लेने का फैसला किया.

निर्वाचन आयोग ने बताया था कि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल ऐसे तीन दलों के खिलाफ आवश्यक कानूनी और आपराधिक कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को जानकारी दी गई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 2,800 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं.

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