कृषि वृद्धि दर बढ़ने से गांव के युवाओं का पलायन रोका जा सकेगा : गडकरी

नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को ग्रामीण युवाओं के शहरों की ओर पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण भारत में कृषि की वृद्धि दर और क्रय शक्ति बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया. यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वर्तमान में कृषि फसलों के लिए सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) वाणिज्यिक बाजार की कीमतों से कहीं अधिक है.

उन्होंने कहा, ”कृषि की वृद्धि दर बढ़ने पर ग्रामीण युवाओं को आजीविका के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा.” उनके अनुसार, कृषि की वृद्धि दर बढ़ने से ग्रामीण आबादी की क्रय शक्ति में वृद्धि होगी.
गडकरी ने देश में बांस संसाधनों के अधिक गहन उपयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि बांस रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है और ग्रामीण विकास में योगदान दे सकता है.

उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में बांस के उपयोग से भारत को जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने में मदद मिलेगी. गडकरी ने कहा कि बांस में कोयले के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की क्षमता है और इसका उपयोग निर्माण कार्य में भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बांस का उपयोग जैव-सीएनजी और चारकोल बनाने के लिए भी किया जा सकता है और बांस मिशन से विशेष अनुदान की मदद से इस पर आगे अनुसंधान करने के लिए आईआईटी को शामिल किया जा सकता है.

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