फ्लडलाइट की खराबी से भारत-इंग्लैंड के बीच दूसरे वनडे में हुआ 35 मिनट का विलंब

कटक. बीसीसीआई के लिए बड़ी र्शिमंदगी की बात यह रही कि रविवार को यहां बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे मैच में फ्लडलाइट की खराबी के कारण खेल लगभग 35 मिनट तक रोकना पड़ा. जब फ्लडलाइट खराब हुई तब मेजबान टीम ने 305 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बिना विकेट गंवाये 48 रन बना लिए थे.
भारत अच्छी स्थिति में था लेकिन ‘क्लॉक टॉवर’ के पास लगी आठ फ्लडलाइट में से एक फेल हो गई जिससे खिलाड़ियों को मैदान से बाहर जाना पड़ा.

यह समस्या सबसे पहले शाम करीब सवा छह बजे सामने आई, जब कुछ फ्लडलाइट कुछ देर के लिए बंद हो गई. लेकिन जैसे ही इंग्लैंड के तेज गेंदबाज साकिब महमूद गेंदबाजी करने वाले थे, यह शुरू हो गई. पर कुछ देर बाद लाइट पूरी तरह से बंद हो गई जिससे खिलाड़ी निराश हो गए.

एक अधिकारी ने कहा, ”फ्लडलाइट के साथ जुड़ा जनरेटर खराब हो गया था इसलिए ‘क्लॉक टॉवर’ के पीछे वाले स्टैंड पर लाइटें बंद हो गई थीं. हमने बैक-अप जनरेटर चालू किया. एक जनरेटर से दूसरे जनरेटर में कनेक्शन बदलने में समय लगा, जिससे देरी हुई. ” कप्तान रोहित शर्मा शानदार फॉर्म में दिख रहे थे और 18 गेंदों पर तीन छक्कों और एक चौके की मदद से 29 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि शुभमन गिल 19 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 17 रन बनाकर खेल रहे थे.

रूट और डकेट के अर्धशतक, इंग्लैंड 304 रन पर सिमटा

बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 35 रन देकर तीन विकेट झटके जिससे भारत ने मध्य के ओवरों में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए रविवार को यहां दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में इंग्लैंड को 49.5 ओवर में 304 रन पर समेट दिया.

बल्लेबाजी के लिए अच्छी पिच पर जडेजा ने आक्रामक बेन डकेट (65 रन) और क्रीज पर जम चुके जो रूट (69 रन) को आउट किया जिससे इंग्लैंड मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर तक नहीं बढ़ा सका. टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने डकेट, रूट और कप्तान जोस बटलर (34 रन) के योगदान से अच्छी नींव रखी. इंग्लैंड का स्कोर 35 ओवर में तीन विकेट पर 200 रन था जिससे लग रहा था कि टीम 330 से अधिक रन बनाने में सफल रहेगी.

लेकिन जडेजा की अनुशासित गेंदबाजी ने उनकी रन गति पर लगाम कसी. लियाम लिविंगस्टोन ने 32 गेंद में दो चौके और दो छक्के से 41 रन और आदिल राशिद ने पांच गेंद में 14 रन नहीं बनाए होते तो स्कोर यहां तक नहीं पहुंचता. इंग्लैंड के तीन खिलाड़ी अंतिम दो ओवर में रन आउट हो गए जिससे टीम एक गेंद पहले सिमट गई. बाराबती स्टेडियम में यह 2011 के बाद से सबसे कम स्कोर है क्योंकि तब से यहां औसत स्कोर 350 से अधिक का रहा है.

जडेजा ने वाइड गेंद से डकेट को शॉट खेलने के लिए लुभाया, इस बल्लेबाज ने लेग साइड में खेलने की कोशिश की और हार्दिक पंड्या ने कैच लपक लिया. जडेजा ने वनडे में पांचवीं बार रूट को चलता किया, इंग्लैंड के बल्लेबाज ने डीप एक्स्ट्रा कवर पर कवर ड्राइव लगाने का प्रयास किया और कोहली को कैच दे बैठे.

जडेजा ने अपने स्पैल की अंतिम गेंद पर जेमी ओवरटन को आउट किया और शुभमन गिल ने पारी के दौरान तीसरा कैच लपका.
भारत ने हालांकि कुछ गलत फैसले लेकर दो रिव्यू गंवा दिए. दोनों ही रूट के खिलाफ रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (54 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर थे. र्हिषत राणा महंगे साबित हुए जिन्होंने अपने दो ओवरों में 14 रन दिए जिसमें डकेट ने उनकी रफ्तार का फायदा उठाया और आसानी से शॉट लगाए.

डकेट शानदार फॉर्म में थे और उन्होंने 36 गेंद में अर्धशतक जड़ दिया. फिल सॉल्ट ने पारी का पहला छक्का जड़ते हुए पंड्या की धीमी गेंद को लांग ऑन पर भेज दिया. इंग्लैंड ने 10 ओवर में बिना विकेट गंवाये 75 रन बना लिए थे लेकिन सॉल्ट अच्छी शुरुआत को नहीं भुना पाए और 11वें ओवर में पदार्पण करने वरूण चक्रवर्ती का शिकार बने. डकेट को जडेजा ने पवेलियन भेजा जिससे इंग्लैंड का स्कोर बिना विकेट पर 81 रन से दो विकेट पर 102 रन हो गया.

भारत को दबाव बनाने का सही मौका मिल गया, पर रूट और हैरी ब्रुक (31 रन) ने इंग्लैंड की पारी को संभाला तथा छह रन प्रति ओवर की गति से स्कोर आगे बढ़ाया. रूट की बदौलत इंग्लैंड ने 27 ओवर में दो विकेट पर 150 रन बना लिए. लेकिन रोहित शर्मा ने र्हिषत राणा को गेंदबाजी पर वापस लगाया और गिल के शानदार क्षेत्ररक्षण से यह साझेदारी 66 रन पर रुक गई.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button