लखनऊ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत अब कमजोर नहीं रहा और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और साख तेजी से बढ़ी है. लखनऊ विश्वविद्यालय में यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘भारत अब कमजोर नहीं रहा . अब यह ताकतवर भारत है. हमें अपने सैनिकों पर पूरा भरोसा है . हमे अपने जवानों पर नाज होना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक ऐसा देश है जिसने किसी दूसरे मुल्क की एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं किया, हमको अपनी विरासत पर गर्व है. हम वसुधैव कुटुंबकम में विश्वास करते हैं .’’
सिंह ने कहा, ‘‘देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है.’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा, “वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और साख तेजी से बढ़ी है.” इससे पहले दिन में, सिंह ने एक ट्वीट में कहा था, ‘‘तीन दिवसीय यात्रा पर लखनऊ के लिए नई दिल्ली से प्रस्थान. मैं कई कार्यक्रमों में शामिल होऊंगा और अपने प्रवास के दौरान हमारे समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत भी करूंगा.’’
भारत-तंजानिया रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय कार्ययोजना बनाने पर सहमत
भारत और तंजानिया ने शुक्रवार को रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय कार्ययोजना बनाने के लिए कार्य बल गठित करने का निर्णय लिया है. यह निर्णय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके तंजानियाई समकक्ष स्टरगोमेना लॉरेंस टैक्स के बीच व्यापक वार्ता के दौरान लिया गया. द्विपक्षीय रक्षा समझौतों और सेना से सेना के बीच सहयोग को बढ़ाने का यह निर्णय अफ्रीका से मजबूत रणनीतिक संबंध बनाने की भारतीय प्राथमिकता के अनुरूप है.
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ”दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए पांच वर्षीय आगामी कार्ययोजना तैयार करने और तंजानिया में शीघ्र ही अगली संयुक्त रक्षा सहयोग बैठक आयोजित करने के लिए एक कार्य बल के गठन पर सहमति व्यक्त की.’’ मंत्रालय ने बताया कि बैठक में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और रक्षा औद्योगिक सहयोग से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की गई. वार्ता के बाद सिंह ने कहा कि भारत और तंजानिया समान रणनीतिक क्षेत्र साझा करते हैं और नई दिल्ली अफ्रीकी राष्ट्र को ‘पश्चिमी हिंद महासागर के प्रमुख भागीदार’ के रूप में देखता है.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘नयी दिल्ली में तंजानिया के रक्षा मंत्री डॉ. स्टरगोमेना लॉरेंस टैक्स के साथ लाभप्रद बैठक के दौरान भारत-तंजानिया रक्षा संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई क्योंकि भारत और तंजानिया समान रणनीतिक क्षेत्र साझा करते हैं. भारत तंजानिया को पश्चिमी हिंद महासागर के एक प्रमुख भागीदार के रूप में मानता है.’’ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और ‘सेना से सेना’ के स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दशकों में भारत-तंजानिया साझेदारी बढ़ेगी, जिससे द्विपक्षीय संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे.
भारतीय रक्षा उद्योगों के साथ बातचीत के लिए हैदराबाद के लिए रवाना होने से पहले टैक्स वारगेंिमग डेवलपमेंट सेंटर और इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – हिंद महासागर क्षेत्र, का दौरा करेंगे. पिछले कुछ वर्षों से भारत, अफ्रीका महाद्वीप के साथ रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों सहित समग्र सहयोग के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अफ्रीका में भारत का कुल निवेश 70 अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि इसने महाद्वीप के लिए 12.26 अरब अमेरिकी डॉलर की कर्ज सुविधा (लाइन आॅफ क्रेडिट्स) का विस्तार किया है.