
नयी दिल्ली/विजयवाड़ा/जम्मू. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. सुब्रह्मण्यम ने नीति आयोग शासी परिषद की 10वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि कुल मिलाकर वैश्विक और आर्थिक माहौल भारत के अनुकूल है. उन्होंने कहा, ”मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. आज हम 4,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के आंकड़ों का हवाला देते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था जापान से बड़ा है.
उन्होंने कहा, ”केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से बड़े हैं और अगर हम अपनी योजना और सोच पर कायम रहते हैं, तो ढाई-तीन साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे.” भारत 2024 तक दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था. उन्होंने कहा, ”अगर हम अपनी योजना और सोच-समझ पर कायम रहे, तो 2.5-3 साल में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे.” अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अप्रैल में जारी अपनी विश्व आर्थिक परिदृश्य (डब्ल्यूईओ) रिपोर्ट में कहा था कि भारत 2025 में 4190 अरब अमेरिकी डॉलर की जीडीपी के साथ जापान से आगे निकलकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. आईएमएफ के आंकड़ों के अनुसार, भारत की प्रति व्यक्ति आय 2013-14 में 1,438 अमेरिकी डॉलर से दोगुनी होकर 2025 में 2,880 अमेरिकी डॉलर हो गई है.
भारत का चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाता है: नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि भारत का विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत आर्थिक शासन को दर्शाता है. नायडू की यह प्रतिक्रिया नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम द्वारा आईएमएफ के आंकड़ों का हवाला देते हुए की गई घोषणा के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए 4200 अरब अमेरिकी डॉलर का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) हासिल किया है और अब वह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की राह पर है.
नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आंकड़ों के अनुसार, भारत 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़कर वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. आज, हम एक ऐसे पड़ाव पर हैं, जहां सभी राज्यों को एक साथ आना चाहिए और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आंध्र प्रदेश भारत का विकास इंजन होगा, जो 2047 तक ‘स्वर्ण आंध्र’ के सपने को पूरा करने के लिए नवाचार, बुनियादी ढांचे और विकास के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ेगा.
भारत का चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना मोदी सरकार के 11 वर्षों के कार्यों का नतीजा: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि भारत का जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार द्वारा पिछले 11 वर्षों में किए गए कार्यों का नतीजा है. केंद्र सरकार ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद देश ने अपनी रक्षा प्रणाली को भी मजबूत किया और पाकिस्तान के खिलाफ हालिया सैन्य सफलता ने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए. नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री सिंह ने सुब्रह्मण्यम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, ”सबसे पहले मैं प्रधानमंत्री को इस खुशखबरी के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. पिछले 10-11 वर्षों से भारत जिस दूरर्दिशता के साथ वृद्धि के पथ पर अग्रसर है, यह उसी का नतीजा है.” मंत्री ने कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार वृद्धि में योगदान दे. उन्होंने कहा कि इस महान उपलब्धि के पीछे एक वजह यह है कि मोदी ने पहली बार देश को प्रौद्योगिकी के महत्व से अवगत कराया.



