भारत-रूस व्यापार को और अधिक संतुलित बनाने की जरूरत: गोयल

नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को ब­ढ़ाने तथा इसे और अधिक संतुलित बनाने की दिशा में काम करने के व्यापक अवसर मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता वस्तुएं, खाद्य उत्पाद, मोटर वाहन, ट्रैक्टर, भारी वाणिज्यिक वाहन, स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक, औद्योगिक कल-पुर्जे और वस्त्र भारत से रूस को निर्यात ब­ढ़ाने की क्षमता रखने वाले में क्षेत्रों में शामिल हैं.

गोयल ने उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित भारत-रूस व्यापार मंच की बैठक में कहा द्विपक्षीय व्यापार 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच रहा है ” लेकिन हम आराम से नहीं बैठ सकते, हमें आगे ब­ढ़ना होगा और संतुलन बनाना होगा.” भारत का रूस को निर्यात 2024-25 में 4.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जबकि आयात 63.8 अरब अमेरिकी डॉलर था. इससे व्यापार घाटा करीब 59 अरब अमेरिकी डॉलर रहा.

दोनों पक्षों ने 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया है. उन्होंने कहा कि भारत सेवा क्षेत्र में भी रूस को बड़ी पेशकश कर सकता है. रूसी संघ के राष्ट्रपति कार्यालय के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ मैक्सिम ओरेश्किन ने बैठक में कहा कि रूस के आयात में भारत की हिस्सेदारी दो प्रतिशत से भी कम है और इसे ब­ढ़ाने की आवश्यकता है.

ओरेश्किन ने कहा कि अधिक संतुलित व्यापार के लिए इसे ब­ढ़ाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि भारत छह प्रमुख क्षेत्रों में आपूर्ति ब­ढ़ा सकता है जिनमें कृषि, औषधि, दूरसंचार उपकरण, औद्योगिक कल-पुर्जे एवं मानव संसाधन शामिल हैं. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि भारतीय व्यवसाय रूस को निर्यात ब­ढ़ा सकें.

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