
नयी दिल्ली. भारतीय अधिकारियों ने मुंबई में 26 नवंबर 2008 को आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा से पूछताछ के आधार पर अमेरिका से नए विवरण मांगे हैं. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि 2008 के आतंकवादी हमले की जांच कर रहे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अनुरोध पर भारत ने विवरण प्राप्त करने के लिए पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (एमएलएटी) का सहारा लिया है. उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी के अनुरोध पर कार्रवाई करने के लिए निर्दष्टि माध्यमों से आवश्यक संवाद किया गया है.
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “राणा से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एमएलएटी के ज.रिए अमेरिकी अधिकारियों से विवरण मांगा गया है.” राणा फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है और इस साल 10 अप्रैल को अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद उससे विस्तार से पूछताछ की गई थी. प्रत्यर्पण से पहले, राणा अमेरिका के लॉस एंजिलिस स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद था. भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत उसके प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू होने के बाद से उसे अमेरिका में न्यायिक हिरासत में रखा गया था.
एनआईए के जांच अधिकारियों ने जांच के दौरान जुटाए गए विभिन्न सुरागों पर पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी राणा से पूछताछ की. इन सुरागों में राणा और सह-साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ??दाऊद गिलानी के बीच बड़ी संख्या में फोन कॉल शामिल थे. हेडली अमेरिकी नागरिक है, जो वर्तमान में वहां की जेल में है. राणा पर हेडली और आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी के गुर्गों के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित अन्य सह-साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर भारत की वित्तीय राजधानी पर आतंकवादी हमले को अंजाम देने की साजिश रचने का आरोप है.
दस पाकिस्तानी आतंकवादियों का एक समूह 26 नवंबर, 2008 को समुद्री मार्ग से मुंबई में घुसा था और एक रेलवे स्टेशन, दो लक्जरी होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था. इस आतंकी हमले में अमेरिकी, ब्रिटिश और इजराइली नागरिकों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे.



