IPS अधिकारी ‘आत्महत्या’ मामला: सरकार पर विपक्ष का हमला तेज; पोस्टमार्टम पर गतिरोध बरकरार

चंडीग­ढ़. आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर विपक्षी नेताओं ने सोमवार को हरियाणा सरकार पर हमला तेज कर दिया. उन्होंने कुमार की ओर से कथित तौर पर छोड़े गए ‘अंतिम नोट’ और उन्हें परेशान करने के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ उनकी पत्नी द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की मांग की.

इस बीच, कुमार की मौत के सात दिन बाद भी उनके पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर गतिरोध खत्म नहीं हुआ, क्योंकि उनका परिवार अपनी मांगें पूरी न होने तक इसकी अनुमति न देने पर अड़ा हुआ है. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2001 बैच के अधिकारी कुमार ने सात अक्टूबर को चंडीग­ढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने आठ पन्नों का ‘अंतिम नोट’ छोड़ा था, जिसमें हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र बिजारणिया सहित आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर ह्लजातिगत भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान तथा अत्याचारह्व का आरोप लगाया गया है. बिजारणिया का शनिवार को तबादला कर दिया गया था.

कुमार की पत्नी और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी अमनीत पी कुमार ने अपने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कपूर और बिजारणिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. कुमार का अभी तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया गया है, क्योंकि परिजनों ने उनकी मांगें पूरी न होने तक इसके लिए सहमति देने से इनकार कर दिया है. हरियाणा सरकार और चंडीग­ढ़ के अधिकारी कुमार की पत्नी को मनाने का प्रयास कर रहे हैं. इस बीच, सोमवार को कई विपक्षी नेता कुमार के सेक्टर-24 स्थित आवास पहुंचे, जिनमें तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला और पंजाब के वित्त मंत्री एवं ‘आप’ नेता हरपाल सिंह चीमा शामिल हैं. उन्होंने कुमार की मौत पर शोक जताते हुए परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करने की मांग की.

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क ने कहा कि वह दक्षिणी राज्य से ताल्लुक रखने वाले कुमार के परिवार को सांत्वना देने के लिए चंडीग­ढ़ आए हैं. उन्होंने कथित आत्महत्या को ह्लबेहद दुखदह्व बताया और सरकार से मांग की कि कुमार के ‘अंतिम नोट’ में जिन अधिकारियों का जिक्र है, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए.

विक्रमार्क ने कहा, ह्लवाई पूरण कुमार ने अपनी जान दे दी. उन्होंने अपने ‘अंतिम नोट’ में खास तौर पर दो अधिकारियों, हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के तत्कालीन एसपी नरेंद्र (बिजारणिया) का जिक्र किया और कहा कि दोनों उन्हें परेशान एवं अपमानित किया तथा उनकी आत्महत्या का मूल कारण वे ही हैं.ह्व विक्रमार्क ने मांग की कि सरकार कुमार के ‘अंतिम नोट’ पर तुरंत कार्रवाई करे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम उठाए. उन्होंने बताया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कुमार के परिवार से बात की है.

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुमार की ‘आत्महत्या’ की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की. उन्होंने चंडीग­ढ़ में कुमार की पत्नी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है और यह तभी होगा, जब न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.

पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि प्राथमिकी नामजद ह्लआरोपियोंह्व के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, क्योंकि हरियाणा सरकार ह्लदोषियों को बचानेह्व की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, ह्लमामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके.ह्व इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से कुमार लगातार सरकार को अपने सामने आ रही कठिनाइयों की जानकारी देते रहे और बताते रहे कि उन्हें कौन किस तरह परेशान कर रहा है.

चौटाला ने कहा कि अगर भाजपा सरकार की मंशा अच्छी थी, तो उसे उस समय की गई शिकायतों पर संज्ञान लेना चाहिए था.
कुमार के परिवार से मुलाकात के बाद इनेलो प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पूरे परिवार को आश्वासन दिया कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, वह न केवल उनके साथ खड़े रहेंगे, बल्कि सरकार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव भी डालेंगे.

कुमार के परिवार को न्याय दिलाने के लिए इनेलो ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीग­ढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उनसे केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में इस मामले में ठोस कार्रवाई के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया गया है. चंडीग­ढ़ पुलिस ने कुमार की ‘आत्महत्या’ से जुड़े मामले की ह्लशीघ्र, निष्पक्ष और गहन जांचह्व के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. कुमार के परिवार की मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए गठित 31 सदस्यीय समिति ने चंडीग­ढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार को कपूर और बिजारणिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए रविवार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था.

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