दुबई. ईरान की एक अदालत ने जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को कथित तौर पर इस्लामी गणराज्य के खिलाफ प्रचार करने के लिए 15 महीने की अतिरिक्त सजा सुनाई है. उनके परिवार ने सोमवार को यह जानकारी दी. मोहम्मदी (51) के परिवार द्वारा इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के अनुसार, नयी सजा 19 दिसंबर को सुनाई गई. इसमें कहा गया कि मोहम्मदी ने अदालती सत्र में भाग लेने से इनकार कर दिया था.
फैसले में यह भी कहा गया कि अपनी सजा पूरी करने के बाद मोहम्मदी के दो साल तक विदेश यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा और उसी अवधि के लिए राजनीतिक और सामाजिक समूहों में सदस्यता ग्रहण करने पर भी पाबंदी होगी. फैसले के मुताबिक मोहम्मदी दो साल तक मोबाइल फोन भी नहीं रख पाएंगी.
फैसले में उन्हें राजधानी तेहरान से भी निर्वासित कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि मोहम्मदी को संभवत? ईरान के किसी अन्य प्रांत में नयी सजा की अवधि बितानी होगी. मोहम्मदी को तेहरान की कुख्यात एविन जेल में रखा गया है जहां वह सत्तारूढ़ व्यवस्था के खिलाफ प्रचार करने, जेल में अवज्ञा और अधिकारियों की मानहानि के लिए 30 महीने की सजा काट रही हैं. मोहम्मदी नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली 19वीं महिला हैं और 2003 में मानवाधिकार कार्यकर्ता शिरीन आब्दी के बाद दूसरी ईरानी महिला हैं.