इजराइल ने गाजा संघर्षविराम मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुतारेस की आलोचना की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 07 Dec 2023 08:32 PM
इजराइल ने गाजा संघर्षविराम मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुतारेस की आलोचना की
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यरूशलम/नयी दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस की तीखी आलोचना करते हुए इजराइल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका कार्यकाल ”विश्व शांति के लिए खतरा है.” गुतारेस ने गाजा में आसन्न ”मानवीय तबाही” के बारे में सुरक्षा परिषद को चेतावनी देने के लिए विशेष शक्ति का इस्तेमाल किया और परिषद से तत्काल मानवीय आधार पर युद्धविराम की मांग करने का आग्रह किया.

बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों को लिखे एक पत्र में गुतारेस ने कहा कि दो महीने के युद्ध के बाद गाजा की मानवीय प्रणाली ढहने का खतरा है, जिसने ”भयानक मानवीय पीड़ा, विनाश और सामूहिक आघात” पैदा किया है. नागरिकों को नुकसान से बचाए जाने का उल्लेख करते हुए गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 99 का उपयोग किया, जिसमें कहा गया है कि महासचिव यूएनएससी को उन मामलों के बारे में सूचित कर सकते हैं जो उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, ”अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इस संकट को और बढ़ने से रोकने और खत्म करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे.” इजराइल ने कहा कि गुतारेस का यह कदम हमास आतंकवादी समूह के समर्थन और सात अक्टूबर को इजराइल में उसके द्वारा किए गए कायरतापूर्ण कृत्यों का समर्थन करने जैसा है.

इजराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”गुतारेस का कार्यकाल विश्व शांति के लिए खतरा है.” कोहेन ने लिखा, ”अनुच्छेद 99 को लागू करने का उनका (गुतारेस) अनुरोध और गाजा में संघर्ष विराम का आह्वान हमास आतंकवादी संगठन का समर्थन और बुजुर्गों की हत्या, बच्चों के अपहरण और महिलाओं के बलात्कार का समर्थन है.” उन्होंने कहा, ”जो कोई भी विश्व शांति का समर्थन करता है उसे हमास से गाजा की मुक्ति का समर्थन करना चाहिए.” यह पहली बार है कि गुतारेस ने 2017 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बनने के बाद चार्टर के अनुच्छेद 99 को लागू किया है.

गाजा में मारे गए इजराइली नागरिकों में भारतीय मूल का सैनिक भी शामिल
हमास शासित गाजा पट्टी में इस सप्ताह लड़ाई के दौरान भारतीय मूल के एक इजराइली सैनिक की मौत हो गई. भारतीय यहूदी समुदाय के सदस्यों ने यह जानकारी दी. भारतीय यहूदी समुदाय के लोगों ने बताया कि अशदोद के रहने वाले मास्टर सार्जेंट. (रेज.) गिल डेनियल की मंगलवार को गाजा में हत्या कर दी गई और जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गृहनगर में सैन्य कब्रिस्तान में किया गया.

इजराइल के सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की कि गाजा पट्टी में लड़ाई के दौरान मारे गए दो सैनिकों में गिल डेनियल भी शामिल थे.
भारतीय यहूदी विरासत केंद्र ने कहा, ”इस वीभत्स और क्रूर युद्ध में इजराइल ने अपने कई सैनिक खो दिए हैं. इस युद्ध में इजराइल ने राष्ट्र के सम्मान के लिए लड़ने वाले अपने कई सबसे अच्छे बेटे और बेटियों को खो दिया है. आज, हम एक और आईडीएफ (इजराइल रक्षा बल) सैनिक मास्टर सार्जेंट (रेज.) गिल डेनियल (34)की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हैं. वह योएल और माजल के पुत्र थे. ” बेने इजराइल समुदाय के सदस्य गिल डेनियल का का ताल्लुक भारत के महाराष्ट्र से है.

आईडीएफ द्वारा गाजा में अपना जमीनी अभियान शुरू करने के बाद से लड़ाई में लगभग 86 इजराइली सैनिक मारे गए हैं. सात अक्टूबर से लेकर अब तक कम से कम भारतीय मूल के चार इजराइली सैनिकों के मारे जाने की जानकारी है. इस बीच, गाजा पट्टी के दूसरे सबसे बड़े शहर रफाह के केंद्र में बुधवार को इजराइली सैनिकों ने हमास के आतंकवादियों को निशाना बनाकर हमले किए. इजराइली सेना ने यह जानकारी दी.

इजराइल के जमीनी हमलों ने हजारों फलस्तीनियों को क्षेत्र के सबसे दक्षिणी छोर की ओर जाने के लिए मजबूर कर दिया है और सहायता समूहों को भोजन, पानी और अन्य आपूर्ति पहुंचाने से रोक दिया है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों ने दावा किया है कि लगभग दो महीने पहले दक्षिण लेबनान में इजराइल की ओर से किए गए दो हमले स्पष्ट रूप से जानबूझकर किए गए थे और यह नागरिकों पर सीधा हमला था. इन हमलों में ब्रिटेन की समाचार एजेंसी रॉयटर्स के वीडियोग्राफर की मौत हो गई थी और छह अन्य पत्रकार घायल हो गए थे. एमनेस्टी इंटरनेशनल और मानवाधिकार निगरानी समूह ने कहा कि इजराइल के इन हमलों की युद्ध अपराध के रूप में जांच की जानी चाहिए.

प्रियंका गांधी ने गाजा पर ‘निर्मम बमबारी’ की निंदा की, सरकार से सही का साथ देने को कहा

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने गाजा पर ”निर्मम तरीके से जारी बमबारी” की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक सदस्य होने के नाते यह भारत का कर्तव्य है कि वह सही का साथ दें और जल्द से जल्द संघर्ष विराम सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करें.

कांग्रेस महासचिव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किए एक पोस्ट में कहा कि भारत हमेशा सही के साथ खड़ा हुआ है और आजादी के लिए फलस्तीनी लोगों के लंबे संघर्ष की शुरुआत से ही उनका समर्थन करता रहा है. उन्होंने कहा, ”गाजा पर निर्मम बमबारी युद्धविराम से पहले से भी अधिक बर्बरता के साथ जारी है. खाद्य आपूर्ति की किल्लत है, चिकित्सा सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया है और मूलभूत सुविधाओं को भी बंद कर दिया गया है.”

प्रियंका ने कहा कि एक पूरा देश खत्म किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि तकरीबन 10,000 बच्चों, 60 से अधिक पत्रकारों और सैकड़ों चिकित्सा र्किमयों समेत 16,000 निर्दोष नागरिकों की हत्या की गयी है. उन्होंने कहा, ”इन लोगों के भी हमारी तरह सपने और उम्मीदें हैं. हमारी आंखों के सामने ही उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतारा जा रहा है. हमारी मानवता कहां है?” कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमेशा सही के साथ खड़ा रहा है.

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