
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि हमास के निंदनीय हमले के बाद इजराइल की कार्रवाई भी ”नरसंहार” ही है और कहा कि दुनिया हजारों निर्दोष लोगों की हत्या और जातीय सफाये को चुपचाप नहीं देख सकती. विपक्षी दल ने क्षेत्र में तत्काल संघर्ष विराम और तनाव कम करने का आह्वान किया.
कांग्रेस ने कई प्रभावशाली देशों पर उनके ”दोहरे मापदंडों” के लिए भी निशाना साधा और कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि ये देश हमेशा अपनी सुविधा के हिसाब से मानवाधिकार और न्याय की बात करते हैं और इजराइल की कार्रवाई को अपना समर्थन दे रहे हैं.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, ”यूक्रेन और गाजा में लागू किये जा रहे दोहरे मापदंड स्पष्ट हैं.”
उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत सरकार से आग्रह करती है कि वह अमेरिका, इजराइल और यूरोपीय संघ की सरकारों पर दबाव बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करे ताकि वे गाजा में इजराइल द्वारा की जा रही हिंसा को रोकने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर सकें.
रमेश ने कहा, ”अपने नागरिकों पर हमास के निंदनीय हमले के बाद इजराइल की कार्रवाई नरसंहार है. नागरिकों, महिलाओं और बच्चों, अस्पतालों और आश्रय स्थलों को निशाना बनाना मानवता के मूल्यों और युद्ध के हर अंतरराष्ट्रीय मानदंड का उल्लंघन है.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”यह समय की मांग है कि तनाव कम किया जाए और तुरंत संघर्ष विराम की घोषणा की जाए.” रमेश ने पूछा, ”हमारी सामूहिक चेतना को जगाने से पहले और कितनी जानें लेनी होंगी.” उन्होंने कहा कि ईंधन, बिजली, औषधियां, अचेत करने वाली एनेस्थीशिया की दवाएं और मानवीय सहायता को कई हफ्तों तक अवरुद्ध करने के बाद, अब अस्पतालों को सैन्य रूप से निशाना बनाया जा रहा है.
धारावी परियोजना के नियमों में छूट देकर अडाणी समूह को फायदा पहुंचा रही भाजपा
कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार मुंबई में धारावी पुर्निवकास परियोजना के नियमों में ढील देकर अडाणी समूह को फायदा पहुंचा रही है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि खबरों के अनुसार मूल रूप से नियमों में ढील देने के बारे में अपनी आपत्तियां व्यक्त करने वाले महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग धारावी के रियल एस्टेट हस्तांतरण विकास अधिकार(टीडीआर) में ‘इंडेक्सेशन’ के प्रावधान को हटाने के लिए अधिसूचना जारी करने के लिए मजबूर किया गया, जिसके चलते मुंबई के सभी बिल्डरों के लिए अपने टीडीआर का पहला 40 प्रतिशत हिस्सा अडाणी से खरीदना अनिवार्य हो गया है.
उन्होंने आरोप लगाया, ह्लइससे धारावी परियोजना से अडाणी और सिर्फ अडाणी को मिलने वाले टीडीआर के मूल्य में काफी वृद्धि हुई है.ह्व हालांकि, अडाणी समूह की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा कि पार्टी ने अपनी ह्लहम अडाणी के हैं कौन (एचएएचके) श्रृंखलाह्व में इस साल 27 फरवरी और 23 अप्रैल को इस मामले पर सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा, ह्लहमने प्रधानमंत्री से पूछा कि अडाणी समूह को 2022 में धारावी पुर्निवकास परियोजना को केवल 5,069 करोड़ रुपये की बोली के साथ हासिल करने की अनुमति कैसे दी गई, जो 2018 में मूल विजेता बोली से 2,131 करोड़ रुपये कम थी. मूल विजेता बोली लगाने वाले को बाहर करके ऐसा किया गया.ह्व रमेश ने कहा कि टीडीआर एक हस्तांतरणीय क्रेडिट है जो बिल्डरों को पर्यावरण, ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व या इसी तरह के कारणों से संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण के अपने अधिकारों को छोड़ने के लिए सहमत होने की अनुमति देता है. ऐसा करने पर उन्हें अन्य अनुमोदित क्षेत्रों में अतिरिक्त निर्माण अधिकारों के साथ मुआवजा दिया जाता है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि ‘इंडेक्सेशन’ हटाने के फैसले का मतलब है कि धारावी जैसे कम लागत वाले क्षेत्रों में उत्पन्न टीडीआर का उपयोग बांद्रा, दक्षिण मुंबई और जुहू जैसे प्रीमियम स्थानों में महंगी अचल संपत्ति विकसित करने के लिए किया जा सकता है.
उन्होंने दावा किया, “इन नीतिगत बदलावों से मुंबई के पहले से ही महंगे आवास बाजार में कीमतें और बढ़ने की उम्मीद है.” उन्होंने आरोप लगाया, ” अडाणी को लाभ पहुंचाने के मकसद से किया गया यह नीतिगत बदलाव प्रधानमंत्री के सबसे पसंदीदा कारोबारी समूह को दी गई एक और ‘रेवड़ी’ (मुफ्त उपहार) है.”



