
राजपीपला. बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के लोगों को स्वतंत्रता के बाद भारत को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल की उपलब्धि के महत्व को समझने में काफी समय लगा. खान ने कहा कि देश के पहले गृह मंत्री के रूप में पटेल ने लगभग एक सहस्राब्दी पहले आदि शंकराचार्य द्वारा सृजित सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता की चेतना को ”भौतिक और राजनीतिक एकता” में परिर्वितत किया. वह सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘मेरा युवा भारत’ द्वारा आयोजित एकता मार्च के तहत गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला शहर में ‘सरदार सभा’ को संबोधित कर रहे थे.
खान ने कहा, ”सरदार पटेल के कार्यों के महत्व को समझने में हमें काफी समय लगा. मुझे अब भी लगता है कि पटेल के जीवनकाल में उनके द्वारा किए गए हर काम को पूरी तरह से समझने में अभी कई साल लगेंगे.” उन्होंने कहा कि लगभग 560 रियासतों को ”बिना एक बूंद खून बहाए” एक साथ लाना कोई आसान काम नहीं था, और यह उपलब्धि बल प्रयोग से हासिल नहीं की जा सकती थी.
उन्होंने कहा, ”हम सरदार साहब के प्रति चाहे जितनी भी कृतज्ञता व्यक्त करें, वह पर्याप्त नहीं होगी. अगर सरदार पटेल ने ऐसा नहीं किया होता, तो हमें एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए वीजा लेने पड़ते. इसके अलावा जो आंतरिक संघर्ष पहले से मौजूद थे, जिनके कारण भारत लंबे समय तक गुलाम रहा, वे जारी रहते.”



