
बीड: अनशन कर रहे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जरूरत बताते हुए एक सरकारी चिकित्सक ने कहा कि उनके शरीर में पानी की भारी कमी हो गई है तथा ‘इलेक्ट्रोलाइट’ असंतुलन की स्थिति हो सकती है।
जालना जिले के अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए कूच करने के लगभग 14 घंटे बाद जरांगे आज पूर्वाह्न करीब 11 बजे महाराष्ट्र के बीड जिले के पाटोदा पहुंचे।
बीड जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सतीशकुमार सोलंके ने बताया कि चिकित्सकों की एक टीम ने उनके स्वास्थ्य की जांच की।
सोलंके ने कहा, ”मनोज जरांगे को अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जरूरत है। उनके शरीर में पानी की गंभीर कमी है। वह केवल नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) के सहारे यात्रा जारी नहीं रख सकते।” उन्होंने बताया कि मराठा कार्यकर्ता को ‘आईवी ड्रिप’ लगाई जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, ”मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। मैंने उनसे (इलाज कराने का) अनुरोध किया है। पहले इलेक्ट्रोलाइट की कमी को पूरा करने की आवश्यकता है। उसके बाद, हम उन्हें अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव देंगे।” शरीर में सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम या मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिजों का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम होने पर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होता है। इसके लक्षणों में कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन शामिल है। यदि इसका इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
सोलंके ने कहा कि जरांगे का रक्त शर्करा भी काफी निचले स्तर पर है।
इससे पहले दिन में, जरांगे ने खुद अपनी स्थिति पर ंिचता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबी यात्रा और अनशन जारी रहने की वजह से स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनका यह दौरा रद्द हो सकता है। मराठा कार्यकर्ता ने कहा कि उनके पेट और पैरों में तेज जलन हो रही है। कुनबी जाति वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की मांग कर रहे जरांगे को मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की ंिचताओं का हवाला देते हुए आजाद मैदान में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
अनुमति न मिलने के बावजूद, जरांगे मंगलवार को कारों के काफिले के साथ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए रवाना हुए, जहां रास्ते में सैकड़ों ग्रामीणों ने उनका समर्थन किया। प्रस्तावित योजना के अनुसार जरांगे का काफिला बीड, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा और कुल 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा।



