
नयी दिल्ली: विपक्ष ने बुधवार को आरोप लगाया कि यूपीआई के लिए एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था लागू कर सरकार ने ”अमेरिकी साम्राज्यवाद” के आगे घुटने टेक दिए हैं। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने ‘नोटा’ का अर्थ ”नरेर्न्द्स आॅनगोइंग ट्रंप एपिज़मेंट” (नरेन्द्र मोदी द्वारा लगातार ट्रंप का तुष्टीकरण करना) कर दिया है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया कि क्या इस कदम की घोषणा इसलिए की गयी है ताकि अमेरिकी कार्ड कंपनियां यूपीआई से प्रतिस्पर्धा कर सकें? तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने कहा कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के विचार का विरोध उचित है क्योंकि इससे अधिकतर वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी।
उन्होंने पीटीआई-वीडियो से कहा, ”हालांकि यह शुल्क उपयोगकर्ता से नहीं लिया जाएगा, लेकिन दुकानदार को इसका भुगतान करना होगा। इसलिए राहुल गांधी ने इसका विरोध किया है और मैं भी इसका समर्थन करता हूं।” राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ”यह फैसला उन्होंने अपनी मर्जी या विवेक से नहीं लिया है। जब हम अमेरिकी साम्राज्यवाद की बात करते हैं, तो यह उसके आगे झुकने जैसा है। अब उन्होंने दो हजार रुपये से कम के लेनदेन को लेकर स्पष्टीकरण दिया है।” झा ने आरोप लगाया, ”महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने यह फैसला किसी दिखाई देने वाली ताकत के दबाव में लिया है। यह व्यापक प्रबंधन का हिस्सा है।”



