पुरी: जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ, बारिश के बीच गर्भगृह से बाहर निकले भगवान जगन्नाथ

पुरी: पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के तहत सबसे पहले भगवान सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को गर्भगृह से बाहर लाकर उनके भव्य रथों नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन तक पहुंचाया जा रहा है। रथों पर विराजमान होने से पहले तीनों देवता नए रथों की परिक्रमा करेंगे और रथ बीजे अनुष्ठान के बाद उन्हें सिंहासन पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती विशेष पूजा-अर्चना करेंगे, जबकि पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव पारंपरिक छेरा पहंरा अनुष्ठान के तहत स्वर्ण जड़ित झाड़ू से तीनों रथों की सफाई कर सुगंधित पवित्र जल का छिड़काव करेंगे। सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने और रथों में लकड़ी के घोड़े जोड़े जाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धालु रथों को खींचना शुरू करेंगे। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ, फिर देवी सुभद्रा का दर्पदलन और अंत में भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना होगा।

 

सीएम सुवेंदु ने खींची भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी

कोलकाता में इस्कॉन की 55वीं वार्षिक रथ यात्रा से पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने अल्बर्ट रोड स्थित इस्कॉन मंदिर में राधा माधव की आरती की और भगवान जगन्नाथ के रथ के सामने पारंपरिक ‘छेरा पहाड़ा’ (रथ के मार्ग की सफाई) अनुष्ठान किया। इसके बाद उन्होंने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रील प्रभुपाद ने रथ यात्रा और भारतीय संस्कृति को 100 से अधिक देशों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनका कोलकाता स्थित पैतृक घर विरासत स्थल घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने इस्कॉन की स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में भूमिका की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिया। साथ ही मिड-डे मील योजना में हुए पुराने भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पौष्टिक और भ्रष्टाचार मुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
12:05 PM, 16-JUL-2026

 राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी रथ यात्रा की शुभकामनाएं

ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा सभी के बीच आस्था, एकता, समानता, भाईचारे और मानवता की भावना को और मजबूत करे। उन्होंने भगवान से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि करोड़ों ओड़िया लोगों के आराध्य भगवान जगन्नाथ की कृपा से राज्य निरंतर प्रगति करे और हर व्यक्ति का जीवन खुशहाली से भर जाए।

 

मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

ओडिशा के पुरी में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद करीब दो लाख श्रद्धालु पहले पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर जलभराव से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर तक रथों की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

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