नयी दिल्ली. संसद में विदेश नीति पर अपने बयान के दौरान विपक्ष के विरोध पर निशाना साधते हुए, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राओं का विवरण सूचीबद्ध किया गया है.
जयशंकर ने ट्विटर पर एक वीडियो बयान में कहा, ”दुख की बात है कि विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में मेरे बयान को बार-बार बाधित किया. जाहिर है, उनके लिए दलगत राजनीति राष्ट्रीय प्रगति से अधिक महत्वपूर्ण थी.” विपक्षी सदस्यों ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में जोरदार विरोध जताया था जब विदेश मंत्री ने विदेश नीति की उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की भारत यात्राओं के साथ-साथ मुर्मू और मोदी के विदेश दौरों का विवरण साझा किया था.
जयशंकर ने कहा, ”कई स्तरों पर इन प्रयासों के माध्यम से, हम एक अस्थिर और अनिश्चित दुनिया में अपने राष्ट्रीय उद्देश्यों और हितों को आगे बढ.ाने में सक्षम हुए.” जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति उन मुद्दों पर केंद्रित है जो सीधे तौर पर जनता के कल्याण और आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करते हैं. उन्होंने कहा, ”ये आम नागरिक विदेश में हिरासत में लिए गए हमारे मछुआरे या संघर्ष क्षेत्रों में फंसे हुए लोग हो सकते हैं.”
उन्होंने कहा, ”यह विदेशों में छात्रों और पेशेवरों के लिए बेहतर वीजा सुविधाएं या काम करने की स्थिति हो सकती है. यह महत्वपूर्ण क्षेत्रों और प्रौद्योगिकियों में प्रगति के माध्यम से हमारे देश के भविष्य के बारे में हो सकते हैं. चाहे वह इंजन प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर हो, ड्रोन हो या फिनटेक, ये नये भारत के निर्माण खंड हैं.” जयशंकर ने कहा, ”यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन मामलों पर उस गंभीरता के साथ चर्चा और बहस करने की अनुमति नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे.”