
नयी दिल्ली. सर्च इंजन गूगल ने बृहस्पतिवार को मशहूर गायक भूपेन हजारिका की 96वीं जयंती पर एक डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसमें संगीतकार को हारमोनियम और उनकी ट्रेडमार्क गोरखा टोपी के साथ दिखाया गया है. ‘ब्रह्मपुत्र का कवि’ के नाम से मशहूर हजारिका का जन्म आठ सितंबर, 1926 को असम के सादिया में हुआ था. एक प्रतिष्ठित गायक के अलावा हजारिका एक संगीतकार, कवि और फिल्म निर्माता थे, जिन्होंने असमिया, ंिहदी, बंगाली और कुछ अन्य भाषाओं की कई फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया.
गूगल ने कहा, ‘‘जन्मदिन मुबारक हो भूपेन हजारिका! आपकी फिल्में और गाने असम की समृद्ध संस्कृति का सम्मान करते हैं.’’ इसमें कहा गया है कि मुंबई की अतिथि कलाकार रुतुजा माली द्वारा तैयार सचित्र कलाकृति ‘असमिया सिनेमा और लोक संगीत को लोकप्रिय बनाने के लिहाज से हजारिका के काम को रेखांकित करती है.’’ माली ने कहा कि उन्होंने हजारिका के कुछ गानों, चित्रों और वीडियो का अध्ययन किया और डूडल में ‘उनके आकर्षण को दर्शाने’ की पूरी कोशिश की.
हजारिका ने वर्ष 1946 में बनारस ंिहदू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्रातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और वर्ष 1952 में कोलंबिया विश्वविद्यालय से जनसंचार में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. अमेरिका में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर असमिया संस्कृति को लोकप्रिय बनाने वाले गीतों और फिल्मों पर काम जारी रखने के लिए भारत लौट आए.
छह दशक के करियर के दौरान हजारिका ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अर्जित किये जिनमें सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन के लिए वर्ष 1975 का राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड, वर्ष 1987 का संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, वर्ष 1977 का पद्म श्री अवार्ड, वर्ष 2001 का पद्म भूषण और वर्ष 1992 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं. हजारिका ने वर्ष 1998 से पांच साल तक संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष का पद संभाला. उनका पांच नवंबर, 2011 को निधन हो गया था. उन्हें वर्ष 2019 में भारत रत्न (मरणोपरांत) दिया गया.



