झारखंड: भाजपा ने आदिवासियों पर लाठीचार्ज के विरोध में दो जिलों में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया

जमशेदपुर/रांची. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने चाईबासा में आदिवासी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के कथित लाठीचार्ज के विरोध में दो जिलों – पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला – खरसावां में बुधवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है. भाजपा के एक नेता ने मंगलवार को यह जानकारी दी. भाजपा की प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी कथित घटना के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस भी निकालेगी.

साहू ने दावा किया कि आदिवासी समुदाय के सदस्य सोमवार को झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ के आवास का घेराव करने गए थे और यह मांग कर रहे थे कि लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 220 और एनएच 75ई पर दिन के समय भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए.

साहू ने रांची में संवाददाताओं से कहा, ”पिछले आठ महीनों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कम से कम 154 लोगों की मौत हो चुकी है. आदिवासी समुदाय के सदस्य परिवहन मंत्री से गुहार लगाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने सोमवार रात उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. इस घटना में कई लोग घायल हो गए.” उन्होंने कहा, ”पार्टी ने इस घटना के विरोध में बुधवार को कोल्हान के दो जिलों – पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला – खरसावां में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक, 12 घंटे का बंद रखने का फैसला किया है. हालांकि, आपातकालीन सेवाएं अप्रभावित रहेंगी.” भाजपा की झारखंड इकाई के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने घटना की निंदा करते हुए कहा, ”आदिवासियों की हितैषी होने का दावा करने वाली हेमंत सोरेन सरकार अब उनकी आवाज दबाने के लिए क्रूरता पर उतर आई है.” इससे पहले, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने चाईबासा शहर में आदिवासियों पर पुलिस लाठीचार्ज की मंगलवार को आलोचना की.

चंपई ने दावा किया कि बिरुआ के आवास के घेराव के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया जबकि 17 अन्य लापता हो गए.
उन्होंने आरोप लगाया कि सोरेन सरकार ने चाईबासा में आदिवासियों-मूलवासियों की आवाज दबाने के लिए उन पर लाठीचार्ज किया.
चंपई ने आदिवासियों-मूलवासियों से ‘आदिवासी/मूलवासी विरोधी’ सरकार को हटाने के लिए एकजुट होने की अपील की. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने कहा कि राज्य सरकार लाठीचार्ज का सहारा लेने के बजाय बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझा सकती थी. इससे पहले, पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सोमवार रात आठ बजे से परिवहन मंत्री के आवास के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी. सामाजिक कार्यकर्ता रमेश बालमुचू और उनके सहयोगियों ने चाईबासा में बिरुआ के आवास का घेराव करने की धमकी दी थी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button