
मुंबई. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हास्य कलाकार कुणाल कामरा द्वारा उनके बारे में की गई टिप्पणी की तुलना ”सुपारी लेकर किसी के खिलाफ बोलने” से करते हुए कहा कि कटाक्ष करते समय मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है. शिंदे ने सोमवार को कामरा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए.
‘स्टैंड-अप कॉमेडियन’ कामरा (36) ने अपने ‘शो’ में शिंदे के राजनीतिक करियर पर कटाक्ष करके महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. शिवसेना नेता ने कहा कि वह इस बात पर ध्यान नहीं देते कि कौन क्या कहता है, बल्कि उनका काम ही उनके लिए बोलता है. शिवसेना कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई में खार क्षेत्र स्थित ‘हैबिटेट कॉमेडी क्लब’ में कथित रूप से तोड़फोड़ की थी, जहां कामरा का कार्यक्रम शूट किया गया था. इस कार्यक्रम में कामरा ने शिंदे पर ”गद्दार” शब्द के जरिये कटाक्ष किया था.
बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता रविवार रात ‘होटल यूनिकॉन्टिनेंटल’ के बाहर एकत्र हुए जहां संबंधित क्लब स्थित है. उन्होंने क्लब और होटल परिसर में तोड़फोड़ की. शिंदे द्वारा 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत किए जाने का जिक्र करते हुए कामरा ने अपने शो में फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के एक गीत का संशोधित संस्करण गाया था.
शिंदे ने बीबीसी मराठी कार्यक्रम में कहा, ”अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. हम व्यंग्य को समझते हैं लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए. यह सुपारी लेकर किसी के खिलाफ बोलने जैसा है.” शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा स्टूडियो में तोड़फोड़ किए जाने पर शिंदे ने कहा कि सामने वाले व्यक्ति को भी एक मर्यादा बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने कहा, ”अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है.”
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ”मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोलूंगा. मैं तोड़फोड़ किए जाने को उचित नहीं ठहराता.” शिंदे ने कहा, ”इसी व्यक्ति (कामरा) ने उच्चतम न्यायालय, प्रधानमंत्री, (पत्रकार) अर्नब गोस्वामी और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणी की थी. यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है; यह किसी के लिए काम करना है.” कामरा ने कहा है कि वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगे. इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में उस स्थान पर तोड़फोड़ किए जाने की आलोचना की, जहां ‘कॉमेडी शो’ रिकॉर्ड किया गया था.
शिंदे ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ”आजकल मैं आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं देता. मैं कहता हूं कि मेरा काम ही मेरा जवाब होगा. मैंने हमेशा काम को प्राथमिकता दी है. अटल सेतु, कोस्टल रोड (दोनों मुंबई में) और मेट्रो जैसी सभी परियोजनाएं अचानक बंद हो गई थीं. हमने विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें फिर से शुरू किया.” उपमुख्यमंत्री ने ‘लाडकी बहिन’ योजना, ‘लखपति दीदी’ योजना और लड़कियों के लिए शिक्षा नि?शुल्क करने के निर्णय सहित कई कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डाला. शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार ने कई निर्णय लिए हैं और आवश्यक सरकारी प्रस्तावों (जीआर) को लागू किया है. उन्होंने कहा, ”इसलिए, मैं इस बात पर ध्यान केंद्रित नहीं करता कि कौन क्या कहता है. मैं अपने काम के माध्यम से उनका जवाब देता हूं.”



