कर्नाटक: मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा के बीच शिवकुमार के बाद सिद्धरमैया ने की खरगे से मुलाकात

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 17 Nov 2025 10:54 PM
कर्नाटक: मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा के बीच शिवकुमार के बाद सिद्धरमैया ने की खरगे से मुलाकात
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नयी दिल्ली/बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना के बीच सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. कांग्रेस नेताओं ने इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सिद्धरमैया ने राज्य से जुड़े कुछ अन्य मुद्दों के साथ मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा की.

इससे पहले, उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की थी.
शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद पर बदलाव की चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अपनी मुलाकात को कोई खास तवज्जो नहीं दी थी.

पार्टी अध्यक्ष से अपनी मुलाकात का ब्योरा साझा करने से परहेज करते हुए शिवकुमार ने कहा था, “अगर पार्टी है, तो हम सब हैं.” यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार नवंबर में ढाई साल पूरे करने जा रही है, जिसे कुछ लोग ”नवंबर क्रांति” कह रहे हैं. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ हुए ‘ढाई साल’ के कथित समझौते के अनुरूप शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें तेज़ हैं.

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंज़ूरी देता है, तो यह संकेत होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के इस पद पर पहुंचने की संभावनाएं कम हो जाएंगी. खरगे से अपनी मुलाक़ात के बारे में पूछे गए सवालों पर शिवकुमार ने नयी दिल्ली में पत्रकारों से कहा था, “पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलना स्वाभाविक है. इसमें कोई ख़ास बात नहीं है. पार्टी कार्यालयों के उद्घाटन जैसे कुछ पार्टी संबंधी मामले थे, साथ ही कुछ ट्रस्ट से जुड़े मामले भी थे. इसके अलावा और कुछ नहीं था.” मंत्रिमंडल में फेरबदल और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच इस मुलाक़ात के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने बस इतना कहा था, “कुछ नहीं… अगर पार्टी है, तो हम सब हैं.”

मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश का अनुपालन करेंगे : सिद्धरमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि वह अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल के संबंध में कांग्रेस आलाकमान के फैसले का अनुपालन करेंगे. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे चार-पांच महीने पहले यह (मंत्रिमंडल में फेरबदल की) प्रक्रिया करने को कहा था, लेकिन उन्होंने सरकार के 2.5 साल पूरे करने पर जोर दिया था.

सिद्धरमैया ने यह बात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात से पहले कही. उन्होंने इस मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया. पिछली यात्रा के दौरान वह खरगे से नहीं मिल पाए थे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में केवल बिहार चुनाव के बारे में चर्चा हुई थी तथा किसी अन्य मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई थी.

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के नवंबर में पांच साल के कार्यकाल में से ढाई साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच ये बैठकें महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं, जिसे कुछ लोग ‘नवंबर क्रांति’ के रूप में संर्दिभत कर रहे हैं. ऐसा कहा जाता है कि सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच कथित तौर पर समझौता हुआ था जिसमें ढाई-ढाई साल पर मुख्यमंत्री बदलने का प्रावधान था.
सिद्धरमैया से जब पूछा गया कि क्या वह खरगे के साथ मंत्रिमंडल फेरबदल पर चर्चा करेंगे, तो उन्होंने कहा, ”मैंने राहुल गांधी से चर्चा नहीं की है. अगर खरगे कहेंगे, तो मैं उनसे बात करूंगा.”

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”चार-पांच महीने पहले, आलाकमान ने मुझसे फेरबदल करने को कहा था. मैंने कहा था, अभी उचित नहीं है, ढाई साल बाद करते हैं, और आलाकमान ने मान लिया था. अब 20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे हो जाएंगे. आलाकमान जो भी कहेगा, मैं मानूंगा.” यह पूछे जाने पर कि क्या वह खरगे के साथ बैठक के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल का मुद्दा उठाएंगे, उन्होंने कहा, ”यह स्थिति पर निर्भर करेगा.” पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यदि कांग्रेस नेतृत्व मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे डीके शिवकुमार के इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने की संभावना समाप्त हो जाएगी.

मंत्रिमंडल फेरबदल में मंत्री पद के आकांक्षी कई नेताओं के शामिल होने के सवाल पर सिद्धरमैया ने कहा, ”हमारे पास 142 विधायक हैं, वे सभी (मंत्री बनने के लिए) योग्य और पात्र हैं.” मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान अपनाए जाने वाले फॉर्मूले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”यह आलाकमान की राय पर आधारित होगा.” उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की रविवार को खरगे से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ”मुझे बैठक की जानकारी है, मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्या चर्चा की. वह (खरगे) हमारे एआईसीसी अध्यक्ष हैं.”

सिद्धरमैया ने इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. उन्होंने इस दौरान राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और एक व्यापक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य की कई पुरानी मांगों पर जोर दिया गया, जिनमें रायचूर में एम्स की स्थापना, बाढ़ राहत के लिए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करना और महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी देना शामिल है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया है कि वह बैठक के दौरान राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गौर करेंगे और उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे.

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