बेंगलुरु. कर्नाटक के हुबली ईदगाह मैदान में जहां कड़ी सुरक्षा के बीच गणेशोत्सव के जश्न की शुरुआत की गई, तो वहीं राजधानी में चामराजपेट ईदगाह में पुलिस के पहरे के बीच सन्नाटा रहा. उत्तरी कर्नाटक के हुबली ईदगाह मैदान में कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को गणेशोत्सव की शुरुआत की गई. दक्षिणपंथी नेता एवं श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की मूर्ति की पूजा-अर्चना की.
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और ंिहदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीरें भी पंडाल में लगी नजर आईं.
भगवान गणेश की मूर्ति यहां तीन दिन के लिए स्थापित की गई है. उच्च न्यायालय ने मंगलवार को देर रात हुई सुनवाई में हुबली धारवाड़ नगर आयुक्त के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें शहर के ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी उत्सव आयोजित करने की अनुमति दी गई थी.
इससे विपरीत, चामराजपेट ईदगाह मैदान में कर्नाटक राज्य रिजÞर्व पुलिस की कम से कम 10 टुकड़ियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने और गणेशोत्सव तक बाहर से किसी को वहां आने ना देने के लिए तैनात किया गया है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर कहा, ‘‘ हम किसी को शांति भंग नहीं करने देंगे. उच्चतम न्यायालय द्वारा चामराजपेट (बेंगलुरु) के संबंध में दिए गए आदेश का सख्ती से पालन किया जाएगा.’’ उच्च न्यायालय ने मंगलवार को गणेश पूजा करने की अनुमति दे दी थी और उसके दिशानिर्देशों के तहत ही मुतालिक ने बुधवार को सुबह हुबली ईदगाह में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की.
उच्चतम न्यायालय ने बेंगलुरु के ईदगाह मैदान पर गणेश चतुर्थी के समारोह को आयोजित करने की अनुमति देने से मंगलवार को इनकार कर दिया था और यथास्थिति बनाकर रखने का आदेश दिया था. ंिहदू जनजागृति समिति के एक सदस्य ने कहा, ‘‘ अगले तीन दिन तक (हुबली के) पंडाल में भजन किए जाएंगे.’’