विजयपुरा. कर्नाटक के विजयपुरा के अलियाबाद औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी खाद्य प्रसंस्करण इकाई के गोदाम में एक विशाल मशीन क्षतिग्रस्त हो गई और इसके बाद 100 टन मक्का के ढेर के नीचे दबने से बिहार के सात श्रमिकों की मौत हो गई. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
कर्नाटक सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को सात-सात लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे. विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक सोनवणे ऋषिकेश भगवान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”इस घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं, ये उनमें से नहीं है जो कि दब गये थे. जो लोग दब गये थे उनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि सात की मौत हो गई. वे सभी श्रमिक थे.” घटना सोमवार शाम की है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाश एवं बचाव अभियान शाम करीब छह बजे शुरू हुआ और मंगलवार सुबह 11 बजे तक चला. इस दौरान सात मजदूरों के शव बाहर निकाले गए, जबकि एक व्यक्ति को बचा लिया गया. एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ”प्रसंस्करण करने वाली मशीन में लगी चिमनियां मक्का भरे जाने के बाद काफी वजनी हो जाती हैं. इसी के आंशिक रूप से ढह जाने के कारण नीचे काम कर रहे श्रमिक दब गए. ये श्रमिक 100 टन मक्के के नीचे दब गए.” कर्नाटक के जिला प्रभारी मंत्री एम.बी. पाटिल घटना की सूचना के बाद विजयपुरा पहुंचे. वह विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए बेलगावी में थे.
पाटिल ने मुआवजे की घोषणा करने के साथ ही कहा कि शवों को उनके संबंधित स्थानों पर भेजने का इंतजाम जिला प्रशासन करेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि शवों को बेलगावी या कलबुर्गी हवाईअड्डे से हवाईमार्ग के रास्ते पहुंचाया जाएगा. पाटिल के कार्यालय ने एक बयान में कहा,”मुआवजे के रूप में दिए जाने वाले सात लाख रुपये में से पांच लाख रुपये इकाई के मालिक द्वारा प्रदान किए जाएंगे और दो लाख रुपये कर्नाटक सरकार द्वारा दिए जाएंगे.” उन्होंने कहा कि घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए जांच की जाएगी. राज्य के लघु और मध्यम उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा उपायों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी उद्योगों को एक परिपत्र जारी करने का निर्देश दिया.