दिल्ली में कोविड-19 के मामले स्थिर हो रहे, आगामी दिनों में कमी आने की संभावना

नयी दिल्ली: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को कहा कि शहर में कोविड-19 के मामले स्थिर हो रहे हैं तथा आने वाले दिनों में इनमें कमी आने की संभावना है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में यह भी कहा कि हाल के दौर में राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस से जिन लोगों की जान गई है, उनमें से ज्यादातर मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं और कोविड आकस्मिक था।

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस के 1,603 नए मामले दर्ज किए गए, संक्रमण दर 26.75 प्रतिशत रही और तीन मरीजों की मौत हुई। इन मरीजों की मौत होने के साथ ही शहर में कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 26,581 हो गयी है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कोविड-19 रोगियों के लिए आरक्षित 7,976 बिस्तरों में से 390 पर मरीज भर्ती हैं। इससे एक दिन पहले शहर में कोरोना वायरस से छह लोगों की मौत हुई, संक्रमण के 1,757 नए मामले आए और संक्रमण दर 28.63 फीसदी दर्ज की गयी थी।

भारद्वाज ने कहा, ‘‘कोविड के मामले स्थिर हो रहे हैं। हाल में यह कहा गया कि मामले बढ़ रहे हैं। अब आने वाले दिनों में इसमें कमी आने की संभावना है।’’ दिल्ली में महामारी के कारण नियमित आधार पर लोगों की मौत होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से ज्यादातर मामलों में मरीजों को लंबे वक्त से गंभीर बीमारी थी और कोविड आकस्मिक हुआ। लेकिन कोई भी मौत दुखद है और यह नहीं होनी चाहिए।’’

कोविड-19 के मामलों को देखते हुए स्कूलों में तथा बच्चों के लिए किसी खास बंदोबस्त के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि अभी ऐसे किसी कदम की योजना नहीं बनायी गयी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘हम शिक्षकों से कह रहे हैं कि जिन छात्रों को खांसी और जुकाम है तो उन्हें आराम करने की सलाह दी जाए। हम अभिभावकों से बच्चों में ऐसा कोई लक्षण दिखने पर उन्हें स्कूल न भेजने की अपील करेंगे।’’

कोविड महामारी से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की तैयारी पर भारद्वाज ने कहा, ‘‘हमारे पास कोविड बेड, आॅक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, आॅक्सीजन आपूर्ति तथा अन्य समेत सभी व्यवस्था है।’’ बाद में पत्रकारों से बातचीत में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 की लहर कमजोर पड़ रही है और अगले कुछ हफ्तों में यह खत्म हो जाएगी।

उन्होंने दावा किया, ‘‘हम मौत के हर मामले का विश्लेषण करते हैं और ज्यादातर मौत अन्य बीमारियां होने की वजह से हुई। एक स्वस्थ व्यक्ति इस स्वरूप के कारण गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ा है।’’ उन्होंने कहा कि अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।

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