
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी प्राणी उद्यान में सोमवार को वहां के इकलौते नर श्वेत बाघ ‘आकाश’ की अचानक तबियत बिगड़ने से मृत्यु को गई. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि बाघ की उम्र लगभग 10 वर्ष थी. पोस्टमार्टम के बाद उसकी मौत का कारण हृदयाघात बताया गया है. कानन पेंडारी चिड़ियाघर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार कानन पेंडारी प्राणी उद्यान में मौजूद नर श्वेत बाघ ‘आकाश’ की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ी और सुबह 9:11 बजे उसने दम तोड़ दिया.
अधिकारियों ने बताया कि नर बाघ ‘आकाश’ की मौत के बाद जिला स्तरीय चिकित्सकीय समिति के तीन सदस्यीय पशु चिकित्सा दल और कानन चिड़ियाघर के वन्य प्राणी चिकित्सक ने कानन पेंडारी के मुख्य वन संरक्षक तथा क्षेत्र निदेशक, संचालक, अधीक्षक, परिक्षेत्र अधिकारी और एक स्वतंत्र बा’ विशेषज्ञ मंसूर खान (अध्यक्ष, नेचर बायोडायर्विसटी एसोसिएशन, बिलासपुर) की उपस्थिति में मृत बाघ का पोस्टमार्टम कराया गया.
उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सकों की समिति ने मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया है. अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोपहर को श्वेत बाघ का दाह-संस्कार चिकित्सकों की समिति और अन्य अधिकारियों के समक्ष कर दिया गया. कानन पेंडारी चिड़ियाघर के अधीक्षक भोपाल सिंह राजपूत ने बताया कि ‘आकाश’, कानन पेंडारी प्राणी उद्यान का इकलौता सफेद नर बाघ था और उसका जन्म 16 मई 2015 को यहीं हुआ था.
राजपूत ने बताया कि मृत्यु से कुछ देर पहले तक आकाश पूर्णत? स्वस्थ था. उन्होंने बताया कि वर्तमान में कानन पेंडारी प्राणी उद्यान में सफेद बाघ ‘आकाश’ की मां सिद्धि और उसकी बेटी ईशा ही रह गए हैं. चिड़ियाघर प्रबंधन ग्वालियर चिड़ियाघर से एक स़फेद बाघ कानन चिड़ियाघर लाने के लिए प्रयासरत है. अधिकारी ने बताया कि गर्मी की वजह से फिलहाल सफेद बाघ के स्थानांतरण में अतिरिक्त समय लग सकता है.



