ममता बनर्जी बंगाल में घुसपैठ को न्यायोचित्त ठहराने का प्रयास कर रही हैं: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि वह बांग्लादेश में संकट में फंसे लोगों को आश्रय देने को तैयार हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि बनर्जी का यह बयान राज्य में घुसपैठ को न्यायोचित्त ठहराने वाला है.

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत की एकता और अखंडता को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बनर्जी की उस कथित टिप्पणी के लिए उन पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने  कहा था कि वह चाहती हैं कि बंगाल भारत के साथ अच्छे संबंध रखे. उन्होंने सवाल किया कि उनके (ममता के) इस बयान का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है. कोलकाता में एक रैली में बनर्जी ने कहा था कि बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा के मद्देनजर वह पड़ोसी देश से परेशान लोगों के लिए अपने राज्य के दरवाजे खुले रखेंगी और उन्हें शरण देंगी.

प्रसाद ने कहा कि ऐसे मुद्दे पूरी तरह से भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह केंद्र सरकार ही थी जिसने 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेशियों को शरण देने का फैसला किया था. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नेता पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के कारण अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए संशोधित नागरिकता कानून का कड़ा विरोध करती रही हैं लेकिन वह घुसपैठियों की मदद करना चाहती हैं.

भाजपा नेता ने बनर्जी पर घुसपैठ को सही ठहराने की कोशिश करने और पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी बदलने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राज्य में तीन मुस्लिम बहुल जिले हुआ करते थे लेकिन यह संख्या बढ़कर अब नौ हो गई है. उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश से लोगों के आने के कारण कोलकाता की जनसांख्यिकी भी बदल रही है और आतंकवाद के मामलों में कई आरोपी राज्य में शरण पाते हैं. उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जो राष्ट्रवाद के लिए खड़े होते हैं, उन्हें हिंसक हमलों का सामना करना पड़ता है.

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