
कांथी/घाटल/पुरुलिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने और घुसपैठियों को राज्य की जनसांख्यिकी बदलने की अनुमति देकर ‘पाप करने का’ आरोप लगाया. एक के बाद एक कांथी, घटाल और पुरुलिया लोकसभा क्षेत्र में चुनाव सभाओं को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि राज्य में भाजपा के 30 लोकसभा सीट पर जीत हासिल करने के बाद तृणमूल कांग्रेस बिखर जाएगी और ममता बनर्जी सरकार की विदाई हो जाएगी.
उन्होंने कहा, “बंगाल घुसपैठियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन गया है. घुसपैठ के कारण राज्य की जनसांख्यिकी बदल रही है जिसका असर न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश पर पड़ रहा है.” गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया, “ममता बनर्जी घुसपैठियों को बंगाल की जनसांख्यिकी बदलने की अनुमति देकर पाप कर रही हैं और वह वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर रही हैं.” शाह ने आरोप लगाया कि घुसपैठिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का वोट बैंक हैं और ममता बनर्जी अपने वोट बैंक की तुष्टीकरण के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के क्रियान्वयन का विरोध कर रही हैं.
उन्होंने कहा, ”टीएमसी को घुसपैठियों से प्यार है और सीएए पर वार. घुसपैठिए टीएमसी का ‘वोट बैंक’ हैं.” शाह ने बनर्जी की हाल में रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ संत पर की गई टिप्पणी के लिए आलोचना की और कहा कि इन सामाजिक-धार्मिक संगठनों को तृणमूल कांग्रेस के वोट बैंक की तुष्टीकरण के लिए धमकी दी जा रही है.
गृह मंत्री ने कहा, “ममता बनर्जी भारत सेवाश्रम संघ पर हमला कर रही हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि अगर यह संघ नहीं होता तो बंगाल बांग्लादेश का हिस्सा होता. वह सिफ.र् अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए संतों पर निशाना साध रही हैं.” आरामबाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोघाट में शनिवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दावा किया था, “रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ संत दिल्ली में भाजपा नेताओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं.” विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, “पांच चरणों का मतदान पूरा हो चुका है. चुनाव के इन पांच चरणों में मोदी जी ने 310 सीटों को पार कर लिया है. ममता दीदी के ‘इंडिया’ गठबंधन का सफाया हो गया है. इस बार बंगाल में भी भाजपा को 30 सीट मिलेंगी.”
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 42 में से 18 सीट पर जीत हासिल की थी और इस बार उसने 30 लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा, ”जैसे ही भाजपा को बंगाल में 30 सीट मिलेंगी टीएमसी बिखर जाएगी और ममता बनर्जी सरकार की विदाई हो जाएगी.” संदेशखालि में टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं. इस बारे में शाह ने कहा कि यह शर्म की बात है कि ”ममता बनर्जी ने एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद दोषियों को बचाने की कोशिश की.”
उन्होंने कहा, ”सालों तक धर्म के आधार पर महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों को अंजाम दिया जाता रहा. ममता अपराधियों को गिरफ्तार करने को तैयार नहीं थीं क्योंकि अपराधी का नाम शाहजहां शेख था और उनकी वोट बैंक की राजनीति सामने थी. उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी जांच नहीं हुई और अदालत ने जांच सीबीआई को सौंप दी.” उनकी टिप्पणी संदेशखालि की महिलाओं के कई कथित वीडियो सार्वजनिक होने की पृष्ठभूमि में आई है. इन वीडियो में दावा किया गया है कि भाजपा के एक स्थानीय नेता ने महिलाओं से कोरे कागजात पर हस्ताक्षर कराए, जिनपर बाद में यौन उत्पीड़न की शिकायत लिखी गई. हालांकि, शाह ने सीधे तौर पर उन वीडियो का जिक्र नहीं किया. शाह ने कहा कि राजनीतिक हिंसा ने बंगाल में लोकतंत्र की हत्या कर दी है.
उन्होंने कहा, “यहां पंचायत चुनाव हुए जिसमें 200 से ज़्यादा लोग मारे गए, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि इस बार आपको डरना नहीं चाहिए क्योंकि लोकसभा चुनाव के पांच चरणों में टीएमसी के गुंडे किसी को नुकसान नहीं पहुंचा पाए और हम इस बार इन गुंडों को सबक सिखाएंगे.” मंगलवार रात भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के आवास पर छापेमारी का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, “टीएमसी जितना अधिक शुभेंदु अधिकारी को प्रताड़ित करेगी भाजपा उन्हें उतनी अधिक प्रमुखता देगी.”
शाह ने कहा कि टीएमसी ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण ‘मां माटी मानुष’ के नारे को ‘मुल्ला, मदरसा और माफिया’ में बदल दिया है. टीएमसी की कथित तुष्टीकरण की राजनीति का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए ममता बनर्जी और उनके भतीजे (अभिषेक बनर्जी) को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें डर है कि तृणमूल के वोटबैंक घुसपैठिए नाराज हो सकते हैं.’ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टीएमसी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि केवल भाजपा ही बंगाल में तृणमूल के ‘भ्रष्टाचार के शासन’का अंत कर सकती है.
केंद्रीय गृहमंत्री ने विद्यालय नौकरी घोटाला मामले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी का संदर्भ देते हुए कहा, ”मंत्री के पास से 51 करोड़ रुपये मिले जो गरीबों को नौकरी देने के लिए जिम्मेदार थे. ये पैसे मंत्री के नहीं थे बल्कि पश्चिम बंगाल के लोगों के थे.” ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित सत्यजीत रे की फिल्म ‘हीरक राजार देशे’ का प्रत्यक्ष संदर्भ देते हुए शाह ने ममता बनर्जी को ‘हीरक रानी’ करार दिया. उन्होंने कहा, ”सत्यजीत रे महान कलाकार और फिल्मकार थे. उन्होंने ‘हीरक राजार देशे’ फिल्म बनाई. अगर आज वह जिंदा होते तो ‘हीरक राजार देशे’ के स्थान पर ‘हीरक रानी’ फिल्म बनाते और ममता बनर्जी हीरक रानी हैं.”



