मणिपुर सरकार ने अपना दावा वापस लिया, कहा- सशस्त्र समूहों के किसी भी दुस्साहस की संभावना नहीं

इम्फाल. मणिपुर सरकार ने कुछ दिन पहले किए गए अपने उस दावे को वापस ले लिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि 900 कुकी उग्रवादी 28 सितंबर के आसपास इम्फाल घाटी के दूर-दराज के गांवों पर हमला कर सकते हैं. राज्य सरकार ने कहा, ”सशस्त्र समूहों द्वारा किसी भी सुनियोजित दुस्साहस किए जाने की संभावना दूर-दूर तक नहीं है और यह आशंका निराधार है.” सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह की ओर से बुधवार को जारी एक संयुक्त बयान में बताया गया, ”मेइती समुदाय के लोगों पर 28 सितंबर को हमला करने के लिए म्यामां से 900 प्रशिक्षित कुकी उग्रवादियों के यहां घुसपैठ करने संबंधी सूचना पर विभिन्न समुदायों से मिली प्रतिक्रियाओं के बाद इस सूचना की विभिन्न स्त्रोतों से जांच की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर हमें ऐसा कुछ भी नहीं मिला है. फिलहाल ऐसी किसी भी जानकारी पर विश्वास करने का कोई आधार नहीं है.”

बयान में कहा गया है, ”नागरिकों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं. सभी समुदायों को उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है.” इसमें कहा गया है, ”लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर या अपुष्ट समाचार पर विश्वास न करने की सलाह दी जाती है.” सुरक्षा सलाहकार ने 20 सितंबर को कहा था कि इम्फाल घाटी के दूर-दराज के गांवों में कुकी समुदाय के लोगों द्वारा हमला करने की योजना संबंधी सूचनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने इसके लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इन उग्रवादियों की गतिविधियों की खबरें पिछले तीन-चार दिनों से आ रही थीं. इसी बीच मुख्यमंत्री के सचिव एन. ज्योफ्रे ने कहा कि सशस्त्र समूहों के यहां घुसपैठ करने की सूचना के आधार पर इस कार्यालय ने खुफिया जानकारी साझा की थी… ताकि पुलिस विभाग अपनी मशीनरी और नेटवर्क का उपयोग कर उक्त सूचना की तह तक जाए तथा कार्रवाई कर सके.

उन्होंने कहा, ”अब यह स्पष्ट हो गया है कि सशस्त्र समूहों द्वारा इस तरह का दुस्साहस करने की संभावना बहुत कम है. इस संबंध में लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.” मणिपुर में कांग्रेस के विधायक टी लोकेश्वर ने बुधवार को कुलदीप सिंह के इस दावे पर चिंता जाहिर की थी कि 900 कुकी उग्रवादी राज्य में घुस आए हैं क्योंकि इससे इंफाल घाटी के बाहरी गांवों में दहशत फैल गई थी. उन्होंने इस दावे पर स्पष्टता की मांग की थी.

लोकेश्वर ने कहा, ”सिंह के इस दावे से इम्फाल के दूर-दराज के गांवों में हलचल मच गई है. उन्हें अपने दावों के आधार को स्पष्ट करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि उग्रवादियों के प्रवेश को रोकने के लिए क्या उपाय किए गए हैं. ग्रामीणों को डर के साये में नहीं जीना चाहिए.” सुरक्षा सलाहकार ने 20 सितंबर को बताया था कि सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर है क्योंकि ऐसी सूचना मिली है उग्रवादी राज्य के सीमांत गांवों को निशाना बनाने के लिए घुस आए हैं और वे 28 सितंबर के आसपास हमला कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि “28 सितंबर के आसपास किसी भी दिन” ये सुनियोजित हमले हो सकते हैं. उन्होंने पुष्टि की कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा की गई है.

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