मानसून सत्र को ‘वेंटिलेटर’ पर रखा गया, ‘महाकलंकित’ दो-तिहाई बहुमत की जुगत में गृह मंत्री: कांग्रेस

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 07 Sep 2026 02:57 PM
मानसून सत्र को ‘वेंटिलेटर’ पर रखा गया, ‘महाकलंकित’ दो-तिहाई बहुमत की जुगत में गृह मंत्री: कांग्रेस
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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान करने के बजाय अब तक इसे ‘वेंटिलेटर’ पर रखा गया है क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में परिसीमन संबंधी विधेयक को पारित कराने के लिए ”महाकलंकित” दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में लगे हैं।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि गृह मंत्री इस वास्तविकता को कब स्वीकार करेंगे कि धमकी और डराने-धमकाने की उनकी राजनीति अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है? रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए 25 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक उसका सत्रावसान नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा, ”आम तौर पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद तीन-चार दिन में सत्रावसान हो जाता है। हालांकि, 2015 के मानसून सत्र में यह अंतर 28 दिन का था।” कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2015 का मानसून सत्र ललित मोदी के मुद्दे को लेकर लगभग पूरी तरह बाधित रहा था, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने सत्र को जारी रखा ताकि वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित विधेयकों को पारित करा सके।

रमेश ने कहा कि इसके लिए राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, जो सरकार के पास नहीं था और आखिरकार सरकार को विपक्ष के साथ अधिक सार्थक तरीके से विचार-विमर्श करना पड़ा और विधेयकों को काफी बाद में पारित कराया गया। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि 2026 का मानसून सत्र भी ”वेंटिलेटर पर” रखा गया है क्योंकि गृह मंत्री लोकसभा में परिसीमन से संबंधित विधेयकों को पारित कराने के लिए ”महाकलंकित” दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया, ”वह वास्तविकता को कब तक स्वीकार करेंगे कि धमकी और डराने-धमकाने की उनकी राजनीति अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है?” संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और 13 अगस्त को इसका समापन हुआ था।

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