मणिपुर: हमार समुदाय के दो लोगों की गिरफ्तारी पर आदिवासी संगठनों ने जताई आपत्ति

इंफाल: मणिपुर के दो आदिवासी संगठनों ने पिछले साल जिरीबाम जिले में मेइती समुदाय के छह लोगों की हत्या के सिलसिले में हमार समुदाय के दो लोगों की गिरफ्तारी पर शनिवार को ंिचता व्यक्त की और दावा किया कि गिरफ्तार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

इन जनजातीय संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और असम पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियां अनुचित थीं। चुराचांदपुर जिले की हमार महिला एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, “असम पुलिस और एनआईए द्वारा थांगलीनलाल हमार और लालरोसंग हमार की मनमानी गिरफ्तारी से हम बेहद ंिचतित हैं। उनके बच्चे हैं, वे दिहाड़ी मजदूरी करके अपना गुजर बसर करते थे और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।”

असम के कछार जिले के मोइनाथोल दिलकशोश घाट के निवासी थांगलीनलाल हमार को बृहस्पतिवार को असम पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसी गांव के रहने वाले लालरोसंग हमार को मिजोरम की राजधानी आइजोल में पकड़ा गया था।

गिरफ्तारियों की कड़ी ंिनदा करते हुए संगठन ने एनआईए पर मनमाना और भेदभावपूर्ण तरीका अपनाने का आरोप लगाया। महिला संगठन ने गिरफ्तार किये गये दोनों व्यक्तियों की तत्काल रिहाई की भी मांग की।
एक अन्य संगठन ‘कुकी ज़ो काउंसिल’ ने एक बयान में दावा किया कि थांगलीनलाल हमार एक निर्दोष नाविक है और अपराध में उसकी कोई संलिप्तता नहीं है”। बयान में कहा गया है, “उनकी गिरफ्तारी मनमानी और अनुचित प्रतीत होती है, जिससे जांच की प्रक्रिया और निष्पक्षता पर गंभीर ंिचताएं पैदा होती हैं।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button