स्मृति समेत कई भाजपा नेताओं ने सोनिया के साथ अपमानजनक व्यवहार किया: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 28 Jul 2022 08:05 PM
स्मृति समेत कई भाजपा नेताओं ने सोनिया के साथ अपमानजनक व्यवहार किया: कांग्रेस

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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत भारतीय जनता पार्टी के कई सांसदों एवं मंत्रियों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया तथा ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई थी कि उन्हें (सोनिया को) चोट भी लग सकती थी.

मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी मंत्री और नेताओं के इस व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहने को लेकर भाजपा सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा किया और सोनिया गांधी से माफी की मांग की. चौधरी का कहना है कि एक चैनल से बातचीत में उनके मुंह से एक बार चूकवश यह शब्द निकल गया था, लेकिन भाजपा तिल का ताड़ बना रही है. कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा के भीतर इसी विषय को लेकर भाजपा के सदस्यों और मंत्रियों ने सोनिया गांधी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में दावा किया, ‘‘संसद में आज मंत्री स्मृति ईरानी ने सांसद एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी से अमर्यादित व्यवहार किया व उन्हें अपमानजनक शब्द कहे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया गांधी जी, भाजपा सांसद रमा देवी जी से बात कर रही थीं. स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी जी को घेरकर बड़े ही अपमानजनक लहजे में उनको अपशब्द कहे. जब सोनिया जी ने उनसे शालीनता से कहा कि मैं आपसे बात नहीं कर रही हूं, मैं दूसरी सांसद से बात कर रही हूं तो स्मृति ईरानी चिल्लाकर बोलीं “आप जानती नहीं, मैं कौन हूं.’’ रमेश के अनुसार, कई अन्य पार्टियों के सांसद व कांग्रेस सांसद इस घटना के गवाह हैं.

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ये कौन सी मर्यादा है? क्या एक सांसद, साथी सांसद से बात भी नहीं कर सकती? स्मृति ईरानी राजनीतिक तरीके से अपनी बात रख सकती हैं. वे एक वरिष्ठ सांसद और एक पार्टी की अध्यक्ष के साथ इस तरह के रवैए पर क्यों उतारू हैं? राजनीतिक विरोध अपनी जगह है लेकिन क्या किसी वरिष्ठ सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार जायज है?’’ लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अधीर रंजन चौधरी पहले ही माफी मांग चुके हैं. अगर वे (भाजपा सदस्य) हमसे अपेक्षा करते हैं कि महिला नेता और राष्ट्रपति का सम्मान करें तो उन्होंने ऐसा व्यवहार क्यों नहीं दिखाया?

सोनिया जी के साथ जो व्यवहार हुआ, वह ठीक नहीं है. आज सोनिया जी को शारीरिक रूप से चोट पहुंच सकती थी.’’ गोगोई ने कहा, ‘‘भाजपा के लोग सोचते हैं कि सोनिया जी डर जाएंगी तो यह उनकी भूल है. सोनिया जी एक निडर और शालीन नेता हैं. वह स्वयं भाजपा की महिला सांसदों के पास गईं और बहुत शालीन तरीके से बातचीत करना चाहती थीं. लेकिन उनकी शालीनता के उत्तर में भाजपा सांसदों द्वारा बहुत बुरा व्यवहार किया गया.’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा सांसदों और मंत्रियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर ऐसा माहौल बनाया जिसमें उन्हें चोट पहुंच सकती थी. महिला सांसदों ने तो आपत्तिजनक व्यवहार किया ही, पुरूष सांसदों ने भी आपत्तिजनक बातें और व्यवहार किया. हमारी नेता निडर रहीं, शालीन बनी रहीं.’’ इससे पहले गोगोई ने ट्वीट किया, ‘‘आज भारत की एक बहुत ही वरिष्ठ नेता, जो बुजुर्ग महिला हैं और कोविड संक्रमण से उबर रही हैं, उन पर हमला किया गया. केंद्रीय मंत्रियों ने उनका अपमान किया और भाजपा सांसद उन्हें चोट पहुंचा सकते थे. भाजपा सांसदों ने संसद के भीतर जो किया, उससे उनकी भीड़ वाली मानसिकता प्रर्दिशत होती है.’’

कांग्रेस सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा, ‘‘सोनिया जी भाजपा की महिला सांसद से बात करना चाहती थीं और उनके पास गईं. इसी बीच, वहां स्मृति ईरानी आ गईं और अंगुली दिखा-दिखाकर ऐसी बातें की जो अपमानजनक हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया जी, पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी हैं,देश की वरिष्ठ नेता हैं और बहुत वरिष्ठ सांसद हैं. उनके साथ यह व्यवहार देखकर दुख हुआ. इसके लिए प्रधानमंत्री जी को माफी मांगनी चाहिए.’’ कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा ने कहा, ‘‘स्मृति ईरानी और कई अन्य भाजपा सांसदों ने जिस तरह से बर्ताव किया है, वो बहुत दुखद है. हमने किसी तरह वहां से सोनिया जी को बाहर निकाला. इसके लिए प्रधानमंत्री और स्मृति ईरानी को माफी मांगनी चाहिए.’’’

सोनिया के समर्थन में आए गैर-कांग्रेस विपक्षी नेता, बोले: उन्हें ‘झुंड में घेरा गया’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की लोकसभा में बृहस्पतिवार को हुई नोकझोंक के बाद कई विपक्षी के नेताओं ने सोमवार को सोनिया का समर्थन करते हुए कहा कि 75 वर्षीय नेता को सत्तापक्ष के लोगों द्वारा लोकसभा में चारो तरफ से घेर लिया गया और इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है.

दरअसल, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में भारत की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर संबोधित किया था. इसी विषय पर संसद के दोनों सदनों में भाजपा सदस्यों ने इस मामले को लेकर हंगामा किया.
भाजपा और सरकार के मंत्रियों ने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की. इसी मुद्दे पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे के कुछ ही देर बाद जब दोबारा स्थगित कर दी गयी तो सोनिया गांधी सत्तापक्ष की ओर गयीं और उन्होंने भाजपा सांसद रमा देवी से पूछना चाहा कि इस विवाद में उनका नाम क्यों घसीटा जा रहा है.

इसी दौरान स्मृति ईरानी भी सोनिया गांधी के नजदीक पहुंचकर वस्तुत: चौधरी के बयान का विरोध करती दिखीं. पहले तो सोनिया ने स्मृति ईरानी को अनदेखा करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही क्षण बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री की ओर रुख करके नाराजगी भरे स्वर में कुछ कहते देखा गया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले उस समय सदन में मौजूद थीं. उनका कहना है कि सोनिया गांधी के खिलाफ ‘अनावश्यक नारेबाजी’ सुनकर हैरान रह गईं.

सुप्रिया ने ट्वीट किया, ‘‘सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद श्रीमती गांधी के खिलाफ अनावश्यक नारेबाजी सुनकर हैरान रह गई. हम सभी लोगों को सदन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और मर्यादा एवं गरिमा बनाए रखनी चाहिए.’’ बहुजन समाज पार्टी के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने स्मृति ईरानी के वक्तव्य के एक हिस्से का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति का नाम आपत्तिजनक तरीके से लिया जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

अली ने ट्वीट किया, ‘‘मैं भारत के माननीय राष्ट्रपति का अपमान करने, अनुचित और आपत्तिजनक तरीके से सदन में उनका नाम लेने के लिए स्मृति ईरानी जी से बिना शर्त माफÞी की मांग करता हूं.’’ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, ‘‘उस समय मैं लोकसभा में थी जब 75 वर्षीय वरिष्ठ नेता को इस तरह घेर लिया गया जिस तरह झुंड में घेरा जाता है. उनके साथ टोकाटोकी की गयी. यह सब उस वक्त किया गया जब वह एक और वरिष्ठ महिला नेता जो पीठासीन सभापतियों के पैनल में हैं, की तरफ गयीं और उनसे बात की (मास्क पहने हुए).’’

पश्चिम बंगाल की कृष्णनगर लोकसभा सीट से सदस्य मोइत्रा ने कहा, ‘‘प्रेस में भाजपा के झूठे बयान पढ़कर व्यथित हूं.’’ इससे पहले एक ट्वीट में मोइत्रा ने कहा था, ‘‘लोकसभा में सारे नियम हमेशा विपक्ष के लिए ही होते हैं. आज जैसे ही लोकसभा की बैठक शुरू हुई और लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बैठिए, तभी भाजपा सदस्यों ने 10 मिनट तक माइक पर कब्जा किए रखा और आक्षेप लगाए. अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मानदंड.’’ शिवसेना की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सोनिया गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा सांसदों का व्यवहार शर्मनाक है. उन्होंने ईरानी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमेशा उत्तेजित हो जाने वाली मंत्री की अगुवाई में जो उपद्रव हुआ उसकी सभी लोगों को ंिनदा करनी होगी. यह मंत्री गोवा में गैरकानूनी काम और फर्जी शैक्षणिक हलफनामे के आरोपों का सामना कर रही हैं.’’

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