मराठा आरक्षण पर आदेश ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय: अनिल देखमुख

नागपुर: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को दावा किया कि मराठों को आरक्षण देने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी किया गया आदेश (जीआर) अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के साथ अन्याय है।

देशमुख ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोई भी मराठों को आरक्षण देने के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसका ओबीसी आरक्षण पर असर नहीं पड़ना चाहिए। राज्य के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग ने हैदराबाद गजेटियर को लागू करने के लिए एक शासनादेश (जीआर) जारी किया है, जिसके तहत मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की अनुमति होगी।

महाराष्ट्र के एक पारंपरिक कृषक समुदाय कुनबी को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण देने के लिए ओबीसी श्रेणी में शामिल किया गया था। राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता ने कहा, ‘‘मराठा आरक्षण पर जारी किया गया सरकारी आदेश ओबीसी समुदाय के साथ अन्याय है।

मराठों को आरक्षण दिए जाने के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन ऐसा करते समय ओबीसी कोटे पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। हालांकि, नया जीआर ओबीसी आरक्षण को प्रभावित करता दिख रहा है, और स्वाभाविक रूप से समुदाय की निराशा सामने आ रही है।’’

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के चुनाव के बारे में पूछे जाने पर देशमुख ने कहा कि चयन प्रक्रिया डेढ़ साल से जारी है और इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के नेता संयुक्त रूप से निर्णय लेंगे।

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