‘मौलाना’ तेजस्वी यादव चुनाव में हार भांपकर कर रहे हैं सांप्रदायिक राजनीति: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को मंगलवार को ‘मौलाना’ करार दिया तथा उनपर इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन की ‘आसन्न’ हार को भांपकर सांप्रदायिक आधार पर समाज के ध्रुवीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया.

यादव के इस दावे पर कि बिहार में विपक्षी महागठबंधन सत्ता में आने पर वक्फ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में डाल देगा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन केवल एक विशेष समुदाय के सशक्तीकरण के वास्ते शरिया कानून लाने के लिए सत्ता हासिल करना चाहता है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समाज के सभी वर्गों की प्रगति के लिए काम करता है.

भाटिया ने यहां भाजपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा, ”ये ‘नमाजवादी’ बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान नहीं चाहते. वे संविधान का सम्मान नहीं करते हैं. वे केवल शरिया कानून चाहते हैं…वे केवल एक विशेष धर्म का सशक्तीकरण चाहते हैं.” यादव पर मुस्लिम मतों के लिए ‘सांप्रदायिक राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए भाटिया ने कहा, ”जो लोग बाबा साहब के संविधान और संसद द्वारा पारित कानून को कूड़ेदान में डालने की बात कर रहे हैं, बिहार की जनता उनकी सांप्रदायिक राजनीति को कूड़ेदान में डाल देगी.” यादव ने रविवार को दावा किया था कि बिहार में सत्तारूढ़ राजग ‘खत्म होने की राह पर है’ और विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व वाली राज्य की नयी सरकार केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए वक्फ (संशोधन) अधिनियम को ‘कूड़ेदान में डाल देगी.’ राजद नेता बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ रैली को संबोधित कर रहे थे. इन टिप्पणियों को लेकर भाटिया ने राजद नेता की संविधान एवं न्यायिक प्रक्रिया की समझ पर भी प्रश्न खड़ा किया.

उन्होंने कहा, ”नौवीं फेल विपक्षी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कह रहे थे कि वह वक्फ (संशोधन) कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे.” उन्होंने कहा, ” मैं ‘नमाजवादी’, ‘मौलाना’ और तुष्टिकरण करने वालों के मसीहा तेजस्वी यादव से पूछता हूं कि क्या आपने कभी संविधान पढ़ा है? क्या आपने कभी संविधान की मूल भावना का पालन किया है?” उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कोई राज्य सरकार संसद से पारित कानून को रद्द कर सकती है? भाटिया ने कहा कि संसद से पारित वक्फ (संशोधन) कानून उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है. उन्होंने यादव पर इस कानून के बारे में टिप्पणियां कर शीर्ष अदालत का अपमान करने का आरोप लगाया.

भाजपा प्रवक्ता ने राजद नेता पर ‘अराजक प्रवृत्ति’ दिखाने का भी आरोप लगाया और कहा कि राजग ‘संविधान विरोधी’,’लोकतंत्र विरोधी’ और ‘आंबेडकर विरोधी’ विपक्षी गठबंधन को अपने ‘जहरीले’ एजेंडे को आगे बढ़ाने में सफल नहीं होने देगा. भाटिया ने कहा, ”जंगलवाद क्या करता है? जंगल राज कैसा दिखता है? जंगल राज बिल्कुल तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद जैसा दिखता है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”जंगल राज के पहले शासन में संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाई गईं. बाबा साहब आंबेडकर के संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं. और विपक्ष में रहते हुए तेजस्वी यादव यही कर रहे हैं.” भाटिया ने कहा कि लोगों ने बिहार में राजद के शासनकाल में जंगल राज देखा और उसे नकार दिया एवं वे ऐसा करना जारी रखेंगे क्योंकि वे राज्य में शरिया कानून नहीं बल्कि विकास चाहते हैं.
उन्होंने कहा, ”आप अगले 50 सालों तक सत्ता में नहीं आएंगे.” उन्होंने कहा कि राजग इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव जीतकर बिहार में सत्ता में वापस आएगा.

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