महबूबा मुफ्ती दोबारा पीडीपी अध्यक्ष चुनी गईं

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 26 Oct 2023 06:57 PM
महबूबा मुफ्ती दोबारा पीडीपी अध्यक्ष चुनी गईं
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती को बृहस्पतिवार को दोबारा पार्टी अध्यक्ष चुन लिया गया. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने दल का प्रचार अभियान वस्तुत: शुरू कर पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया.

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”चुनाव सब कुछ नहीं होते हैं लेकिन ये चुनाव हमारी ताकत को वापस लाने के लिए जरूरी हैं. लोकसभा चुनाव आ रहे हैं और आपको अभी से ही काम पर लग जाना है.” मुफ्ती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आप मुफ्ती मोहम्मद सईद को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो दल को वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन दोहराना होगा. इससे पहले, पीडीपी महासचिव गुलाम नबी लोन हंजुरा ने अध्यक्ष पद के लिए महबूबा के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन पूर्व मंत्री अब्दुल गफ्फार सोफी ने किया.

निर्वाचक मंडल के सभी सदस्यों ने ध्वनि मत से उनके नामांकन का समर्थन किया. पीडीपी अध्यक्ष के चुनाव की समान प्रक्रिया एक ही साथ जम्मू में भी हुई जिसे वीडियो लिंक के जरिए श्रीनगर कार्यालय से जोड़ा गया था. महबूबा ने उन पर भरोसा जताने के लिए दल के नेताओं को धन्यवाद देते हुए दावा किया कि पीडीपी के विरोधियों के पास उनके और उनके दिवंगत पिता के खिलाफ केवल दो मुद्दे हैं.

उन्होंने कहा, ”मुफ्ती यानी मोहम्मद सईद की एकमात्र आलोचना यह है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सरकार बनाई थी. उनका फैसला सही साबित हुआ क्योंकि अगर उन्होंने लगाम नहीं लगाई होती तो भाजपा जम्मू-कश्मीर में तबाही मचा देती.” महबूबा ने कहा, “मेरे खिलाफ आलोचना मेरी वर्ष 2016 में की गई ‘टॉफी, दूध’ वाली टिप्पणी को लेकर है. मैंने एक मां के रूप में ऐसा कहा था. अगर उन्होंने मेरी बात सुनी होती तो मेरी बेटी इंशा अंधी न होती. वह उपद्रवियों और सुरक्षाबल के बीच झड़प का शिकार बन गई थी.”

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस शासन के संदर्भ में पीडीपी अध्यक्ष ने शोपियां की घटना का जिक्र किया जिसमें वर्ष 2009 में दो महिलाओं की मौत हो गई थी और उस दौरान उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री थे. उन्होंने सवाल किया, ”क्या महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कोई अन्य आरोप है? क्या उन पर आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा), टास्क फोर्स (लाने) का आरोप है? क्या उनके ऊपर शोपियां बलात्कार और हत्या का आरोप है?” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विरोधियों ने उनमें खामियां ढूंढने की कोशिश की लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला. उन्होंने कहा, “इसलिए वे ‘टॉफी, दूध’ वाले बयान को सामने लाएंगे. मैं आपको बता दूं कि सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाने से भविष्य तय नहीं होगा. हमारे कार्यकाल के दौरान लोगों को राहत मिली थी.”

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