मिन्हास के शतक और तेज गेंदबाजों के दमखम से भारत को हराकर पाक बना अंडर-19 एशिया कप चैंपियन

दुबई. समीर मिन्हास की तूफानी बल्लेबाजी के बाद तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से पाकिस्तान ने रविवार को यहां अंडर-19 वनडे एशिया कप के एकतरफा फाइनल में भारत को 191 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी. पाकिस्तान ने इस तरह अपना दूसरा अंडर-19 एशिया कप खिताब जीता. पिछले कुछ समय से चले आ रहे रिवाज को आगे बढ़ते हुए दोनों टीमों के खिलाडि़यों ने मैच के बाद एक-दूसरे का अभिवादन (हाथ मिलाने) करने से परहेज किया.

मिन्हास की 113 गेंद में 17 चौके और नौ छक्के की मदद से बनाये 172 रन के बूते पाकिस्तान ने आठ विकेट पर 347 रन का स्कोर खड़ा करने के बाद भारत को 26.2 ओवर में 156 रन पर आउट कर दिया. अली रजा (42 रन पर चार विकेट), मोहम्मद सय्याम (38 रन पर दो विकेट) और अब्दुल सुभान (29 रन पर दो विकेट) की पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों तिकड़ी ने आठ विकेट साझा कर भारत के बल्लेबाजों को क्रीज पर समय बिताने का मौका नहीं दिया. कप्तान आयुष म्हात्रे (दो) के जल्दी आउट होने के बावजूद भारत की पारी की शुरुआत धमाकेदार रही. वैभव सूर्यवंशी (16) ने रजा की गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर पहले ओवर में 21 रन बनाए.

आरोन जॉर्ज (16) ने भी अच्छी शुरुआत की और चौथे ओवर में सय्याम की गेंदों पर लगातार तीन चौके लगाये जिससे टीम चार ओवर के अंदर ही 49 रन तक पहुंच गयी. मैच का रूख चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर जॉर्ज के आउट होते ही बदल गया. सय्याम की शॉट गेंद पर जॉर्ज ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में लहराकर मोहम्मद शयान के हाथों में चली गई.

पांचवें ओवर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी के आउट होने से भारत को बड़ा झटका लगा. बाएं हाथ के बल्लेबाज ने रजा की गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन अतिरिक्त उछाल के कारण गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर जहूर हमजा के दस्तानों में जा गिरी. रजा और पाकिस्तान के क्षेत्ररक्षकों ने इस विकेट का जमकर जश्न मनाया. इस दौरान पाकिस्तान के खिलाडि़यों और सूर्यवंशी के बीच कुछ कहा-सुनी भी हुई लेकिन वह निराश मन से मैदान से बाहर चले गये. भारत का स्कोर दो गेंदों के अंतराल में एक विकेट पर 49 रन से तीन विकेट पर 49 रन हो गया. भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआती झटकों के बावजूद गैर जिम्मेदाराना शॉट खेलने हुए विकेट गंवाना जारी रखा.

वेदांत त्रिवेदी (नौ) और कनिष्क चौहान (सात) भी शॉर्ट गेंद पर चलते बने और अभिज्ञान कुंडू (13) के आउट होते ही भारत की उम्मीद खत्म हो गई. टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ने वाले कुंडू 12 रन मिले जीवनदान का फायदा उठाने में नाकाम रहे और अपर कट शॉट पर थर्ड मैच के करीब खड़े रहे निकब शफीक को कैच दे बैठे. दसवें नंबर के बल्लेबाज दीपेश देवेंद्रन ने 36 रन की पारी के साथ हार के अंतर को 200 रन से कम किया.

इससे पहले टीम के लिए टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों में से एक मिन्हास ने टूर्नामेंट में दूसरा शतक जड़ा. पाकिस्तान की टीम इसी मैदान पर भारत से ग्रुप मैच में 90 रन से हार गई थी. भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. पिछले चरण के चैंपियन बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में आठ विकेट से शानदार जीत के बाद फाइनल में पहुंची पाकिस्तान ने भारतीय गेंदबाजों को हावी नहीं होने दिया.

पाकिस्तान के टी20 खिलाड़ी अराफात मिन्हास के छोटे भाई समीर ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में नाबाद अर्धशतक बनाकर अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने हर गेंदबाज पर हमला किया, खासकर नई गेंद के गेंदबाज किशन सिंह और देवेंद्रन के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रहे. मिन्हास की पारी में 17 चौके और नौ छक्के शामिल रहे. उन्होंने 29वें ओवर में देवेंद्रन की गेंद पर चौका लगाकर 71 गेंद में अपना शतक पूरा किया.

यह इस टूर्नामेंट में मिन्हास का दूसरा शतक था. उन्होंने पहले ग्रुप मैच में मलेशिया के खिलाफ नाबाद 177 रन बनाए थे. उन्नीस साल का यह खिलाड़ी दोहरा शतक बनाने के करीब था जिससे वह भारत के अभिज्ञान कुंडू और दक्षिण अफ्रीका के जोरिच वैन शाल्कविक जैसे खिलाडि़यों के साथ 200 से ज्यादा रन बनाने वाले एलीट क्लब में शामिल हो सकता था.

लेकिन यह बल्लेबाज देवेंद्रन (83 रन देकर तीन विकेट) की धीमी गेंद पर चकमा खा गया और मिड-ऑन पर कैच आउट हो गया. भारतीय तेज गेंदबाज देवेंद्रन ने इस तरह मैच में अपना पहला विकेट लिया लेकिन इससे पहले पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज ने उनके खिलाफ खूब रन बटोरे. 28वें ओवर में मिन्हास ने बड़ा छक्का लगाया जिसमें उनकी क्लास साफ झलक रही थी. उन्होंने अपने पैरों का इस्तेमाल करके आयुष म्हात्रे की गेंद को हवा में ऊंचा उठाकर डीप मिड-विकेट पर पहुंचाया.

हमजा जहूर (18) के आसान कैच देकर जल्दी आउट होने के बाद पाकिस्तान ने बिना किसी दिक्कत के रन जुटाना जारी रखा.
जहूर के आउट होने के बाद उस्मान खान (35) क्रीज पर उतरे और मिन्हास के साथ मिलकर 92 रन की भागीदारी करके स्कोर 123 रन तक पहुचाया.

टूर्नामेंट में एक शतक और एक अर्धशतक जड़कर अच्छी फॉर्म में चल रहे बाएं हाथ के अहमद हुसैन ने 56 रन की पारी खेली. पर बाएं हाथ के स्पिनर खिलन पटेल (44 रन देकर दो विकेट) ने मध्यक्रम के इस बल्लेबाज को स्वीप शॉट खेलने के लिए उकसाया जिससे वह मिड-विकेट पर कैच आउट हो गए. उनके और मिन्हास के बीच 137 रन की भागीदारी ने पाकिस्तान को बड़े स्कोर तक पहुंचने में अहम भूमिका अदा की. भारत ने 1989 में शुरू हुए टूर्नामेंट में रिकॉर्ड आठ बार यह खिताब जीता है. भारत 2012 में पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता रहा था क्योंकि तब मैच टाई हो गया था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button