करीब 300 जिलों में परमाणु संयंत्रों, रिफाइनरी और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में होगी मॉक ड्रिल

भाजपा ने लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं से 'मॉक ड्रिल' में भाग लेने की अपील की

नयी दिल्ली. परमाणु संयंत्रों, सैन्य ठिकानों, रिफाइनरी और जलविद्युत बांधों जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों वाले करीब 300 ‘नागरिक सुरक्षा जिलों’ में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन, ‘शत्रुतापूर्ण हमले’ के लिए नागरिक प्रशिक्षण और बंकरों और खंदकों की सफाई के साथ बुधवार को ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया जाएगा. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में लोगों की सक्रिय सहभागिता के साथ ‘मॉक’ अभ्यास करने पर विस्तार से चर्चा की गई.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ.ते तनाव के बीच उभरे ”नए और जटिल खतरों” को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से बुधवार को मॉक ड्रिल करने को कहा है. सभी राज्यों में अधिकारी मॉक ड्रिल के दौरान शिक्षण संस्थानों के छात्रों, सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारियों, अस्पताल कर्मचारियों, रेलवे और मेट्रो अधिकारियों के अलावा पुलिस, अर्द्धसैनिक और रक्षा बलों के वर्दीधारी र्किमयों को भी शामिल करेंगे.

सूत्रों ने कहा कि नागरिक सुरक्षा जिले और सामान्य प्रशासनिक जिले भिन्न होते हैं. किसी भौगोलिक क्षेत्र में छावनी, रिफाइनरी या परमाणु संयंत्र होने पर उसे आवश्यकता और तात्कालिकता के आधार पर ‘नागरिक सुरक्षा जिले’ के रूप में चिह्नित किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, ”ऐसे जिलों को संबंधित राज्य प्राधिकारियों द्वारा नामित किया जाता है, और हमारा मानना ??है कि देश भर में लगभग 300 ऐसे नागरिक सुरक्षा जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा.” उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने मॉक ड्रिल के लिए राज्य में 19 जिलों की पहचान की है, लेकिन राज्य सरकार ने इसे राज्य के सभी जिलों में करने का निर्णय लिया है.

उन्होंने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा, ”हमें सात मई को आयोजित होने वाले नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल के लिए भारत सरकार से निर्देश प्राप्त हुए हैं. 19 जिलों की पहचान की गई है, जिनमें एक जिला ‘ए’ श्रेणी में है, दो ‘सी’ श्रेणी में हैं, और शेष जिले ‘डी’ श्रेणी में हैं.” कुमार ने कहा, ”हालांकि, संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों में मॉक ड्रिल की जाएगी और पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन, आपदा मोचन बल आदि सब इसमें भाग लेंगे.” गृह मंत्रालय के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, लोगों को ”शत्रु के हमले” की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना और बंकरों तथा खंदकों की सफाई करना शामिल है.

अन्य कदमों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट’ के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अद्यतन करना एवं उनका पूर्वाभ्यास करना शामिल है. ‘मॉक ड्रिल’ में वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो-संचार लिंक का संचालन, नियंत्रण कक्षों और छाया नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का परीक्षण भी शामिल है. अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड महानिदेशालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है, ”मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में नये और जटिल खतरे/चुनौतियां उभरी हैं, इसलिए यह समझदारी होगी कि राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों में हर समय इष्टतम नागरिक सुरक्षा तैयारियां रखी जाएं.” इस अभ्यास का आयोजन गांव स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा तथा इसका उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी का आकलन करना और उसे मजबूत करना है.

पत्र में कहा गया है कि इस अभ्यास में जिला नियंत्रकों, विभिन्न जिला प्राधिकारियों, नागरिक सुरक्षा वार्डन, स्वयंसेवकों, होमगार्ड, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस), कॉलेज और स्कूल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी की परिकल्पना की गई है.

उसने कहा, ”उक्त नागरिक सुरक्षा अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न नागरिक सुरक्षा उपायों के परिचालन के प्रभाव और समन्वय का आकलन करना है.” पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा अपने विकल्पों पर विचार करने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं. इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे.
मोदी ने हमले को अंजाम देने वालों और इसकी साजिश रचने वालों का ”पृथ्वी के आखिरी छोर तक पीछा करने” और उन्हें ”उनकी कल्पना से भी बड़ी” सजा देने का संकल्प जताया है.

भाजपा ने लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘मॉक ड्रिल’ में भाग लेने की अपील की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को देशभर में लोगों से सात मई को ‘मॉक ड्रिल’ में शामिल होने की अपील की. ?? पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से किसी भी ‘शत्रुतापूर्ण हमले’ से निपटने के लिए तैयारी के मद्देनजर ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित करने को कहा है.

भाजपा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर लोगों से ‘मॉक ड्रिल’ में भाग लेने की अपील की है. वहीं, पार्टी सूत्रों ने कहा कि भाजपा ने देशभर में अपनी विभिन्न इकाइयों को स्थानीय प्रशासन के इस अभियान (मॉक ड्रिल) में सक्रिय तौर पर भाग लेने को कहा है. भाजपा ने कहा कि सभी नागरिकों, भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं और छात्रों से अपील है कि वे आगे आएं और स्वयंसेवा में शामिल हों… आपकी सहभागिता से बड़ा बदलाव आएगा. पार्टी सांसदों और विधायकों के इस राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल होने की उम्मीद है.

गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए सात मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है. गृह मंत्रालय के एक परिपत्र के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन, लोगों को ”शत्रु के हमले” की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर प्रशिक्षण देना और बंकरों तथा खंदकों की सफाई करना शामिल है. सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को लिखे पत्र में कहा गया है कि मॉक ड्रिल के अन्य कदमों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट’ के उपाय, महत्वपूर्ण संयंत्रों और प्रतिष्ठानों की रक्षा तथा निकासी योजनाओं को अद्यतन करना एवं उनका पूर्वाभ्यास करना शामिल है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button