न्यायालय के पैनल से मोदी सरकार का असहयोग उसके पास छिपाने के लिए कुछ होने की स्वीकारोक्ति: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 25 Aug 2022 08:44 PM
न्यायालय के पैनल से मोदी सरकार का असहयोग उसके पास छिपाने के लिए कुछ होने की स्वीकारोक्ति: राहुल
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नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पेगासस जांच में उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त ‘पैनल’ के साथ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का ‘‘असहयोग’’ इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उसके पास ‘‘छिपाने के लिए कुछ चीज’’ थी और वह लोकतंत्र को कुचलना चाहती है.

शीर्ष न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पेगासस के अनधिकृत इस्तेमाल की जांच के लिए उसके द्वारा नियुक्त तकनीकी समिति ने जांच किये गये 29 मोबाइल फोन में से पांच में कुछ ‘‘मालवेयर’’ पाया है लेकिन यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका है कि यह ‘‘मालवेयर’’ इजराइली ‘स्पाइवेयर’ के कारण था. शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर. वी. रवींद्रन द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर गौर करने के बाद प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण ने इस बात का भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने पेगासस जांच में सहयोग नहीं किया.

राहुल ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के साथ प्रधानमंत्री और उनकी सरकार का असहयोग इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ था और वे लोकतंत्र को कुचलना चाहते हैं.’’ पीठ ने कहा, ‘‘उन्होंने (समितियों ने) कहा है कि भारत सरकार ने सहयोग नहीं किया. आपने यहां जो रुख अपनाया है वही रुख समिति के समक्ष भी अख्तियार किया था.’’ पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी शामिल हैं. किसी कम्प्यूटर या मोबाइल फोन तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने, उसे बाधित या नष्ट करने के मकसद से विशेष रूप से बनाए गए सॉफ्टवेयर को ‘‘मालवेयर’’ कहा जाता है.

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