सनातन संस्कृति को नष्ट करने के लिये ‘उतावले’ थे मुगल आक्रांता : योगी आदित्यनाथ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 13 Jul 2023 09:20 PM
सनातन संस्कृति को नष्ट करने के लिये ‘उतावले’ थे मुगल आक्रांता : योगी आदित्यनाथ
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब मुगल आक्रमणकारी भारत के सनातन धर्म और संस्कृति को नष्ट करने को ‘उतावले’ हो रहे थे तब देश के गांव-गांव में रामलीला का आयोजन किया जा रहा था. यह रामचरितमानस की प्रेरणा को जाहिर करता है.

मुख्यमंत्री ने यहां डॉ. समीर त्रिपाठी की श्रीमद्देवी भागवत महापुराण की प्रस्तुति वाले संगीतमय प्रदर्शन के विमोचन के दौरान कहा, “ऐसा माना जाता है कि जब हम पूजा के दौरान अपने देवता से अपनी भाषा में बात करते हैं, तो देवता सीधे हमारी बात सुन सकते हैं.” उन्होंने कहा, “जब मुगल आक्रांता भारत के सनातन धर्म और संस्कृति को नष्ट करने के लिये उतावले दिख रहे थे, तब हर गांव में रामलीला का आयोजन किया जा रहा था. यह रामचरितमानस की प्रेरणा को दर्शाता था.”

आदित्यनाथ ने कहा, ”रामलीला में आज भी जाति-वर्ण को पीछे छोड़कर सब एकजुटता के साथ उसका मंचन करते हैं. यह जन चेतना की जागरूकता को दर्शाता है. पूरी दुनिया में भारत ही ऐसा देश है जहां साल में दो बार शक्ति की आराधना की जाती है. योगी ने कहा, ”बताया जाता है कि जब संत तुलसीदास ने संस्कृत में आधुनिक रामायण लिखने का प्रयास किया तो ग्रंथ हमेशा नष्ट हो जाता था. अंतत? काशी में स्वयं भगवान विश्वनाथ ने दर्शन दे कर उन्हें संस्कृत नहीं बल्कि लोक भाषा में रचना करने को कहा. उस समय लोक भाषा के रूप में अवधी को महत्व दिया गया और तुलसीदास काशी से अयोध्या आए. उन्होंने राम चरित मानस को अवधी में लिखना प्रारंभ किया.”

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