
भुवनेश्वर. कांग्रेस की ओडिशा इकाई ने बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक से कहा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और नौकरशाह से नेता बने वी.के. पांडियन के बीच कथित तुलना करने को लेकर वह अपने राजनीतिक सचिव संतृप्त मिश्र के खिलाफ कार्रवाई करें. ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने सोमवार को कहा कि पार्टी देश के पहले प्रधानमंत्री के प्रति किसी भी तरह का अनादर बर्दाश्त नहीं करेगी.
उन्होंने कहा, ”हमने मिश्र के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नवीन बाबू को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा कांग्रेस कार्यकर्ता नवीन निवास (पटनायक के आवास) का घेराव करेंगे. हम देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू के प्रति किसी भी तरह का अनादर बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनका ओडिशा के विकास में बहुत योगदान है.” जब ‘पीटीआई-भाषा’ ने मिश्र से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, ”मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है. मैं मूर्ख नहीं हूं जो नेहरू जी और वी के पांडियन के बीच तुलना करूं. मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. मैंने नेहरू जी का नाम किसी खास संदर्भ में लिया है और कोई तुलना नहीं की है.”
मिश्र ने कहा, ”सत्य में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति को मेरा साक्षात्कार अवश्य सुनना चाहिए. इस मामले में तथ्य और सत्य पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है.” साक्षात्कार में मिश्र के हवाले से कहा गया है, ”लोग नेहरू के बारे में चर्चा कर रहे हैं, उनके द्वारा कथित तौर पर किए गए गलत कामों के 60 साल के बाद भी. इसी तरह, अब ओडिशा में नेहरू के समकक्ष पांडियन हैं. यही कारण है कि लोग उनके बारे में चर्चा कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने ओडिशा के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है.” नेहरू और पांडियन के बीच कथित तुलना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दास ने कहा कि बीजद का गठन पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के नाम पर हुआ था, जो नेहरू के करीबी सहयोगी थे.



