एनईपी-2020 नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 16 Oct 2025 09:34 PM
एनईपी-2020 नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा
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रायपुर. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन विषय आयेाजित कार्यशाला केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 के अनुरूप भारत को विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. छत्तीसगढ़ शासन के तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति से छत्तीसगढ़ राज्य में तकनीकी शिक्षा को नई ऊँचाइयाँ मिले

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं इस विषय पर मार्गदर्शन के उद्देश्य से आज रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यशाला तकनीकी शिक्षा विभाग एवं स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई.

अनुसंधान और नवाचार को विशेष प्राथमिकता

मंत्री वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत की शिक्षा व्यवस्था को 21 वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है. उन्होंने बताया कि राज्य में अब तकनीकी शिक्षा संचालनालय के अधीनस्थ तथा स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 से तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिली है, जिसमें कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को विशेष प्राथमिकता दी गई है. मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और इंडस्ट्री लिंक्ड करिकुलम जैसी व्यवस्थाएं शिक्षा को अधिक लचीला और उपयोगी बना रही हैं. वर्मा ने कहा कि कोई भी नीति या योजना तभी सफल होती है जब हम सब मिलकर उस पर कार्य करें. उन्होंने शिक्षकों को परिवर्तन के वास्तविक वाहक बताते हुए कहा कि उनकी सक्रिय भागीदारी से ही नीति के उद्देश्यों की पूर्ति संभव है.

नवाचार, कौशल और भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़ना समय की आवश्यकता

मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार और कौशल विकास को प्रायोगिक स्तर पर सम्मिलित करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने शिक्षकों और संस्थानों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को प्रयोग, अनुसंधान और उद्यमिता के लिए प्रेरित करें, ताकि वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें. उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 के माध्यम से तकनीकी शिक्षा का ढांचा अधिक लचीला, उद्योगोन्मुखी और समकालीन बनाया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और इंडस्ट्री लिंक्ड करिकुलम जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा.

कार्यशाला में नीति क्रियान्वयन की दिशा में साझा प्रयास पर बल

कार्यशाला में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापकगण, तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में साझा समझ, समन्वय और नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण आवश्यक है, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य में तकनीकी शिक्षा को नई ऊँचाइयाँ मिल सकें.

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