नीति आयोग ने ईवी के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा केंद्रित नीति की सिफारिश की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 04 Aug 2025 10:19 PM
नीति आयोग ने ईवी के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा केंद्रित नीति की सिफारिश की
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नयी दिल्ली. नीति आयोग ने देश में इले्ट्रिरक परिवहन को तेज रफ्तार देने के लिए सोमवार को स्पष्ट लक्ष्यों और समय-सीमाओं के साथ एक राष्ट्रीय इले्ट्रिरक वाहन (ईवी) नीति बनाने की अनुशंसा की. नीति आयोग ने ईवी प्रोत्साहन पर केंद्रित अपनी रिपोर्ट में इले्ट्रिरक वाहन से संबंधित चरणबद्ध मानकों के साथ एक नियामकीय ढांचा खड़ा करने और शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों को अपनाने के लिए स्पष्ट नीतिगत दिशानिर्देशों की भी जरूरत पर बल दिया है.

रिपोर्ट में सार्वजनिक बजट और बहुपक्षीय विकास बैंकों से मिलने वाले अंशदानों की मदद से एक संयुक्त कोष बनाने का सुझाव दिया गया है, जिससे ई-बसों और ई-ट्रकों की खरीद के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके. नीति आयोग ने परिसंपत्ति खरीद के बजाय सेवा-आधारित मॉडल को प्राथमिकता देने, शोध एवं विकास को बढ़ावा देने और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के रणनीतिक विस्तार की भी जरूरत बताई है.

इसके अलावा ईवी में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की लागत घटाने, ऊर्जा घनत्व बढ़ाने और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के आयात पर निर्भरता कम करने पर भी जोर दिया गया है. नीति आयोग ने रिपोर्ट में कहा है, “बैटरी चार्जिंग ढांचे के रणनीतिक प्रोत्साहन और सार्वजनिक जागरूकता एवं सूचना प्रणाली को बढ़ाने से ईवी को अपनाने में तेजी आएगी.” भारत ने वर्ष 2030 तक कुल वाहन बिक्री में इले्ट्रिरक वाहनों की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत पर ले जाने का लक्ष्य रखा हुआ है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में देश में सिर्फ 50,000 ईवी की बिक्री हुई थी जो बढ़कर 2024 में 20.8 लाख तक पहुंच गई. हालांकि यह अभी भी वैश्विक रुझानों की तुलना में पीछे है. इसमें कहा गया है कि फिलहाल देश में ईवी की हिस्सेदारी 7.6 प्रतिशत है जिसे अगले पांच वर्षों में 22 प्रतिशत से अधिक पहुंचाने की जरूरत है.

नीति आयोग के इले्ट्रिरक परिवहन सूचकांक में दिल्ली, महाराष्ट्र, चंडीगढ़ सबसे आगे

नीति आयोग के पहले भारत इले्ट्रिरक परिवहन सूचकांक (आईईएमआई) में दिल्ली, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ अग्रणी रहे हैं. यह सूचकांक ईवी को अपनाने, चार्जिंग अवसंरचना की तैयारी और ईवी तकनीक व नवोन्मेष के तीन विषयों पर प्रदर्शन का आकलन करता है. आयोग ने ‘इंडिया इले्ट्रिरक मोबिलिटी इंडेक्स 2024’ शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में तीन मुख्य विषयों के तहत 16 संकेतकों के आधार पर सभी भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन किया है. आयोग के अनुसार दिल्ली, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ समग्र आईईएमआई स्कोर में अग्रणी स्थान पर रहे हैं.

परिवहन विद्युतीकरण में दिल्ली और महाराष्ट्र सबसे आगे हैं, जबकि हरियाणा, कर्नाटक, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश चार्जिंग अवसंरचना की तैयारी में सबसे आगे हैं. नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि आईईएमआई विद्युतीकरण, बुनियादी ढांचे और नवोन्मेष जैसे प्रमुख विषयों में प्रगति का आकलन करने के लिए एक पारदर्शी, तुलनात्मक ढांचा प्रदान करता है.

आयोग ने कहा कि ईवी अनुसंधान और नवोन्मेष के लिहाज से दिल्ली, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और तेलंगाना अग्रणी हैं. आयोग ने कहा कि भारत के इले्ट्रिरक वाहन (ईवी) बाजार में 2024 में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसमें निजी वाहनों, इले्ट्रिरक दोपहिया वाहनों और कारों को अपनाने की दर 5.3 प्रतिशत तक पहुंच गई. इस दौरान 12 लाख से अधिक ईवी पंजीकृत हुए.
भारत में दिसंबर 2024 तक 25,000 से अधिक सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन थे.

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