
मॉस्को. रूस और यूक्रेन ने तीन साल से अधिक समय से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए आगे कोई प्रत्यक्ष वार्ता तय नहीं की है. रूसी राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. वर्ष 2022 के बाद से दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच आमने-सामने की पहली वार्ता के लगभग एक सप्ताह बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. कुछ दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि वे ”तुरंत” संघर्ष विराम वार्ता शुरू करेंगे.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने संवाददाताओं से कहा, ”अगली बैठकों के बारे में कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है.” उन्होंने कहा, ”इस संबंध में अभी सहमति बननी बाकी है.” पिछले शुक्रवार को इस्तांबुल में दो घंटे की बातचीत के दौरान यूक्रेन और रूस ने 1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करने पर सहमति जताई थी. इस कदम के अलावा, बैठक में कोई और महत्वपूर्ण सफलता नहीं मिली थी.
युद्ध विराम को स्वीकार करने और समझौता वार्ता करने के लिए दोनों पक्षों पर कई महीनों से जारी अमेरिकी और यूरोपीय दबाव के बावजूद कोई खास प्रगति नहीं हुई है.
इस बीच, यूक्रेनी सरकार और सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि रूस यूक्रेन की भूमि पर अधिक कब्जा करने के लिए और हमले करने की तैयारी कर रहा है. पेस्कोव ने कहा कि कैदियों की अदला-बदली एक ”काफी लंबी प्रक्रिया” है जिसके लिए ”कुछ समय की आवश्यकता होती है.” उन्होंने कहा, ”काम तीव्र गति से जारी है, हर कोई इसे जल्द से जल्द पूरा करने में रुचि रखता है.” यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बृहस्पतिवार को कहा कि कैदियों की संभावित अदला-बदली के लिए तैयारियां जारी हैं, जिसे उन्होंने तुर्की में वार्ता का ह्लशायद एकमात्र वास्तविक नतीजाह्व बताया.
पेस्कोव ने कहा, ”हम जानते हैं कि ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से क्या कहा, लेकिन हम यह नहीं जानते कि ट्रंप ने यूरोपीय लोगों से क्या कहा. हम राष्ट्रपति ट्रंप के आधिकारिक बयान को जानते हैं.” रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने रातभर में 105 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जिनमें से 35 मॉस्को क्षेत्र में थे. लगातार दूसरी रात कीव की सेना ने रूसी राजधानी को निशाना बनाया.
इस बीच, यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने रातभर में यूक्रेन पर 128 ड्रोन दागे. क्षेत्रीय गवर्नर सेरही लिसाक ने ‘टेलीग्राम’ पर बताया कि हमलों में यूक्रेन का मध्य निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र भी शामिल था जहां एक औद्योगिक इकाई, बिजली लाइन और कई मकानों को नुकसान पहुंचाया गया.



