50 रु. का सिक्का जारी करने कोई योजना नहीं, लोग बैंक नोट पसंद करते हैं : केंद्र ने अदालत से कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 09 Jul 2025 10:34 PM
50 रु. का सिक्का जारी करने कोई योजना नहीं, लोग बैंक नोट पसंद करते हैं : केंद्र ने अदालत से कहा
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि 50 रुपये का सिक्का जारी करने की उसकी कोई योजना नहीं है, क्योंकि लोग बैंक नोट को अधिक पसंद करते हैं. केंद्र ने यह जानकारी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी जिसमें ऐसे करेंसी नोट और सिक्के, विशेष रूप से 50 रुपये और उससे कम मूल्य के जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है जिन्हें दृष्टिबाधित व्यक्ति आसानी से पहचान सकें.

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ ने बुधवार को कहा कि यद्यपि जवाबी हलफनामा रजिस्ट्री में दाखिल किया गया था, लेकिन यह रिकार्ड पर नहीं आया है. पीठ ने कहा, ”इसे रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.” इसी के साथ मामले की सुनवाई स्थगित कर दी.

सिक्का एवं मुद्रा प्रभाग में अवर सचिव द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है,”भारतीय रिजर्व बैंक ने 2022 में प्रचलन में मौजूदा सिक्कों और बैंक नोट के उपयोग की परिपाटी का विश्लेषण करने के लिए एक सर्वेक्षण किया था. निष्कर्षों से पता चला है कि 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के सिक्कों की तुलना में बैंक नोटों को प्राथमिकता दी जा रही है.” याचिकाकर्ता रोहित डंडरियाल ने दावा किया कि उन्होंने बैंक नोट के डिजाइन के कारण दृष्टिबाधित नागरिकों के समक्ष आने वाली परेशानियों और असमानताओं को लेकर एक अध्ययन किया है. उन्होंने दावा किया कि इस डिजाइन के कारण उन्हें विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट में अंतर करना मुश्किल हो जाता है.

केंद्र ने जवाबी हत्हलफनामे में कहा गया है कि दृष्टिबाधित लोगों सहित सभी के लिए सिक्कों की आसान पहुंच और पहचान सुनिश्चित करने के लिए मार्च 2019 में एक रुपये, दो रुपये, पांच रुपये, दस रुपये और बीस रुपये के मूल्य के सिक्कों की एक नई श्रृंखला जारी की गई, जिन्हें विशेष रूप से दृष्टिबाधित लोगों द्वारा आसानी से पहचाने जाने योग्य बनाया गया है. केंद्र ने कहा, ” पच्चास रुपये का सिक्का जारी करने का कोई भी निर्णय दृष्टिबाधित व्यक्तियों की चिंताओं के अलावा अर्थव्यवस्था की आवश्यकता, सार्वजनिक स्वीकृति के स्तर आदि सहित कई कारकों पर निर्भर करेगा. वर्तमान में, विभाग द्वारा 50 रुपये का सिक्का जारी करने के संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.”

हलफनामे में दावा किया गया है कि 2016 में शुरू किए गए महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के बैंक नोट में तीव्र रंग-विपरीतता योजना शामिल है, जिसका उद्देश्य आंशिक रूप से दृष्टिहीन व्यक्तियों द्वारा मूल्यवर्ग की पहचान को सुगम बनाना है. इसमें कहा गया है,” सौ रुपये और उससे अधिक मूल्य के बैंक नोट में दृष्टिबाधितों की सहायता के लिए स्पर्शनीय विशेषता के रूप में कोणीय ब्लीड लाइनें होती हैं. ” हलफनामे में कहा गया है कि मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर ऐप को 2020 में दृष्टि बाधितों को बैंक नोट के मूल्यवर्ग की पहचान करने में सहायता के लिए पेश किया गया था.

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