दुबई. ईरान में जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को रिहा करने का आग्रह करने वाले एक अभियान ने सोमवार को बताया कि मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस ने अपनी कारावास की शर्तों के अलावा देश में महिलाओं के अनिवार्य रूप से हिजाब पहनने के मुद्दे को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है.
”फ्री मोहम्मदी” नामक अभियान ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता ने ”एविन जेल से एक संदेश के माध्यम से अपने परिवार को सूचित किया है कि उन्होंने कई घंटे पहले भूख हड़ताल शुरू कर दी है.” अभियान की ओर से कहा गया है कि मोहम्मदी और उनके वकील कई सप्ताह से उन्हें हृदय और फेफड़ों की देखभाल के लिए एक विशेषज्ञ चिकित्सकों वाले एक अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं.
इसमें यह नहीं बताया गया कि मोहम्मदी किन परेशानियों से पीड़ित थीं, हालांकि इसमें उनके हृदय का एक इकोकार्डियोग्राम प्राप्त करने के बारे में बताया गया है. ईरान की सरकारी मीडिया ने नरगिस के भूख हड़ताल पर जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है. नरगिस मोहम्मदी (51) ने ईरान में कड़ी कार्रवाई और कई बार गिरफ्तार किए जाने तथा वर्षों तक जेल में रहने के बावजूद मानवाधिकारों को लेकर अपना अभियान जारी रखा है. नरगिस ने ईरान में पिछले साल हिजाब पहनने से मना करने पर महासा अमीनी (22) को हिरासत में लिए जाने और फिर उसकी मौत के बाद राष्ट्रव्यापी स्तर पर महिलाओं के सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व किया था.